रामपुर में एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक दारोगा को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। केमिकल लगे नोट और टेस्ट में खुलासा होने के बाद आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया जा रहा है।

स्वार कोतवाली
Rampur: स्वार कोतवाली क्षेत्र में तैनात एक दारोगा की रिश्वतखोरी ने पुलिस विभाग की छवि पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। घरेलू हिंसा के मामले को खत्म करने के नाम पर घूस मांगने वाले उपनिरीक्षक को एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। जैसे ही आरोपी दारोगा ने रिश्वत की रकम ली, पहले से जाल बिछाकर बैठी टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है।
मामला सींगनखेड़ा गांव निवासी यशवीर सिंह से जुड़ा है, जिन्होंने आरोप लगाया कि दारोगा ओमकार नार्थ ने पति-पत्नी के घरेलू विवाद की रिपोर्ट खत्म करवाने के नाम पर रिश्वत की मांग की थी। काफी बातचीत और मोलभाव के बाद 10 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था। लेकिन शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था, इसलिए उसने इसकी सूचना एंटी करप्शन ब्यूरो को दे दी।
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शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो मुरादाबाद की टीम ने मामले का गोपनीय सत्यापन किया। आरोप सही पाए जाने पर निरीक्षक राखी के नेतृत्व में पूरी योजना तैयार की गई। तय प्लान के मुताबिक जैसे ही दारोगा ने रिश्वत के पैसे लिए, टीम ने तुरंत छापा मारकर उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास से केमिकल लगे नोट बरामद किए गए। जब दारोगा के हाथ धुलवाए गए तो पानी का रंग गुलाबी हो गया। यह रिश्वत लेने का पुख्ता सबूत माना जाता है। इसके बाद आरोपी को हिरासत में लेकर थाना अजीमनगर ले जाया गया। जहां उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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पूरा मामला एक घरेलू हिंसा की शिकायत से जुड़ा है। जिसमें रिपोर्ट को खत्म करने के बदले दारोगा ने रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता ने एंटी करप्शन टीम से संपर्क कर जाल बिछवाया और जैसे ही आरोपी ने पैसे लिए। उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल मामले में विधिक कार्रवाई जारी है।