अनन्या राइस मिल के धुएं ने दस गांवों में मचाई खलबली, क्या है किसानों की आपबीती और क्यों नहीं हो रही कोई कार्रवाई?

यूपी के सोनभद्र जनपद के राबर्टसगंज में अनन्या राइस मिल से उड़ने वाली राख और धुआं दस गांवों में फैल रहा है। फसलें बर्बाद, सांस संबंधी बीमारियां बढ़ीं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से तत्काल कार्रवाई की अपील की है।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 29 January 2026, 5:26 PM IST

Sonbhadra: जनपद के राबर्टसगंज तहसील अंतर्गत खरंचा पुल क्षेत्र में संचालित अनन्या राइस मिल स्थानीय लोगों के लिए गंभीर परेशानी का सबब बन गई है। मिल से निकलने वाली राख और धुएं ने आसपास के गांवों में पर्यावरणीय संकट खड़ा कर दिया है। पीड़ित ग्रामीणों का आरोप है कि बीते छह से सात वर्षों से मिल का प्रदूषण झेल रहे हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

दस गांवों की खेती पर सीधा असर

लसड़ा गांव निवासी संतोष कुमार पाण्डेय ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में बताया कि अनन्या राइस मिल से उड़ने वाली राख और धुआं हवा के साथ फैलकर आसपास के लगभग दस गांवों तक पहुंच रहा है। इसका सीधा असर खेतों में खड़ी फसलों पर पड़ रहा है। धान, गेहूं, सब्जी और दलहन की फसलें राख की परत से ढक जा रही हैं, जिससे पैदावार बुरी तरह प्रभावित हो रही है। किसानों का कहना है कि हर साल उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

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स्वास्थ्य पर भी मंडरा रहा खतरा

ग्रामीणों ने बताया कि मिल से निकलने वाले धुएं और गंदगी के कारण क्षेत्र में सांस संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को खांसी, दमा और आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई ग्रामीणों को बार-बार इलाज कराना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति और भयावह हो सकती है।

अधिकारियों से की गई शिकायतें, कार्रवाई शून्य

पीड़ितों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर पहले भी संबंधित विभागीय अधिकारियों- प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और स्थानीय प्रशासन को कई बार लिखित शिकायत दी गई, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अधिकारियों द्वारा सिर्फ आश्वासन दिए गए, जबकि जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं। इससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

चिमनी ऊंची कराने का वादा अधूरा

ग्रामीणों के अनुसार मिल मालिक अंबरीश जायसवाल ने पहले चिमनी को ऊंचा कराने और प्रदूषण नियंत्रण के उपाय करने का आश्वासन दिया था। लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी यह वादा पूरा नहीं किया गया। मिल उसी पुराने ढर्रे पर चल रही है, जिससे राख और धुआं बिना किसी रोकटोक के वातावरण में फैल रहा है।

विरोध करने पर धमकियों का आरोप

शिकायतकर्ता संतोष कुमार पाण्डेय ने यह भी आरोप लगाया है कि जब ग्रामीण इस समस्या का विरोध करते हैं तो उन्हें फोन पर धमकियां दी जाती हैं। प्रभावशाली संबंधों का हवाला देकर डराने की कोशिश की जाती है, जिससे लोग खुलकर अपनी बात रखने से डर रहे हैं।

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मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग

पीड़ित ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से मामले का संज्ञान लेने और अनन्या राइस मिल के संचालक के विरुद्ध उचित व न्यायसंगत कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो खेती, स्वास्थ्य और पर्यावरण को अपूरणीय क्षति पहुंचेगी। ग्रामीणों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से उन्हें इस लंबे समय से चली आ रही समस्या से राहत मिलेगी।

Location : 
  • Sonbhadra

Published : 
  • 29 January 2026, 5:26 PM IST