बागपत की शूटर दादी प्रकाशी तोमर की नाक की नस फटने के बाद उन्हें नोएडा के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। बेटी और परिवार के सहयोग से उनका इलाज जारी है। उनके जीवन और संघर्ष पर आधारित फिल्म ‘सांड की आंख’ भी बनी है। प्रकाशी तोमर की उम्र लगभग 90 साल है और वह पहले भी कई बार बीमार हो चुकी हैं।

प्रकाशी तोमर (Img: Google)
Noida: बागपत की मशहूर निशानेबाज शूटर दादी प्रकाशी तोमर की तबीयत अचानक बिगड़ गई। घर का काम करते समय उनकी नाक की नस फट गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ीं। परिजनों ने उन्हें तुरंत बड़ौत के अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन खून रुकने के बाद उन्हें नोएडा के कैलाश हॉस्पिटल भेजा गया। इस समय उनके बेटे रामबीर और बेटी सीमा तोमर उनके साथ हैं।
बेटी सीमा ने फोन पर बताया कि शनिवार की रात नाक से खून बहने के कारण मां को भर्ती किया गया। बेटे रामबीर सिंह ने बताया कि रात करीब 2 बजे अचानक मां की नाक से खून बहना शुरू हुआ। खून काफी देर तक नहीं रुका और प्रकाशी बेहोश हो गईं। उन्हें पहले बड़ौत अस्पताल ले जाया गया फिर खून फिर से बहने पर नोएडा के हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है।
प्रकाशी तोमर का जन्म 1937 में मुजफ्फरनगर में हुआ था। शादी बागपत के जोहड़ी गांव के जय सिंह से हुई। उनकी दो बेटियां हैं। जिनमें सीमा तोमर भी अंतरराष्ट्रीय ट्रैप शूटर हैं। बेटी के लिए प्रेरणा बनते हुए। प्रकाशी ने खुद 65 साल की उम्र में निशानेबाजी की ट्रेनिंग शुरू की। परिवार को विरोध के बावजूद उन्होंने छिप-छिप कर प्रशिक्षण लिया।
उनके साथ इस सफर में जेठानी चंद्रो भी रही। जिन्होंने हमेशा उनका साथ दिया। धीरे-धीरे मेहनत और लगन के दम पर प्रकाशी ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक और ट्रॉफियां जीती। उन्हें आइकन लेडी और 100 वीमेन अचीवर्स जैसी पुरस्कारों से नवाजा गया।
उनकी और चंद्रो की कहानी पर 2019 में सांड की आंख फिल्म बनी, जिसमें तापसी पन्नू और भूमि पेडनेकर ने भूमिका निभाई। फिल्म की शूटिंग जौहड़ी गांव में हुई थी। प्रकाशी तोमर ने कई बार पुलिस और अन्य प्रतियोगियों को हराकर गोल्ड मेडल भी जीते।
प्रकाशी तोमर की उम्र लगभग 90 साल है और वह पहले भी कई बार बीमार हो चुकी हैं। 13 सितंबर 2023 को सांस लेने में परेशानी के बाद उन्हें मेट्रो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तब वह ठीक हो गई थीं लेकिन बाद में तेज बुखार और बीपी कम होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।