
शेखर मौर्या के हत्यारोपी गिरफ्त में
लखनऊ: एसटीएफ ने 50 हजार के वांछित अभियुक्त शेखर मौर्या उर्फ अभिषेक मौर्या की हत्या मामले में चार अभियुक्तों को कानपुर कमिश्नरेट से गिरफ्तार किया है। शेखर मौर्या शाहजहांपुर में 50 हजार का वांछित अभियुक्त था।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान कुलदीप दुबे पुत्र राजेन्द्र प्रसाद दुबे (निवासी- सुलतानपुर, वर्तमान- केशवपुरा आवास विकास, कानपुर), अभय कुशवाहा पुत्र धर्मसिंह कुशवाहा (निवासी- धामीखेड़ा, रावतपुर, कानपुर), अजीत मौर्या पुत्र स्व. रामकिशोर (निवासी- सिंजई, शाहजहांपुर), युवराज उर्फ अंकुश कुशवाहा पुत्र धर्मसिंह कुशवाहा (निवासी- धामीखेड़ा, रावतपुर, कानपुर) के रूप में हुई है।
एसटीएफ ने आरोपियों की गिरफ्तारी गंगा इन्क्लेव के पास कल्याणपुर, कानपुर से की है। जानकारी के अनुसार, एसटीएफ उत्तर प्रदेश को फरार और पुरस्कार घोषित अपराधियों के सक्रिय होकर अपराध करने एवं अन्य अपराधों में लिप्त होने की सूचनाएं मिल रही थी।
इस सम्बध में एस०टी०एफ की विभिन्न टीमों को सूचना संकलन एवं कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था। एसटीएफ को मालूम हुआ कि अभियुक्त शेखर मौर्या उर्फ अभिषेक मौर्या की हत्या के आरोपी कानपुर के कुलदीप दूबे एवं अभिषेक मौर्या (मृतक) के रिश्तेदारों कानपुर में ही मौजूद है।
इस सूचना पर एसटीएफ की टीम द्वारा गंगा इन्क्लेव के पास कल्याणपुर, कानपुर नगर से उपरोक्त अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि शेखर मौर्या उर्फ अभिषेक मौर्या रिश्ते में अभय कुशवाहा व अंकुश कुशवाहा के सगे मामा थे।
अभिषेक मौर्या उर्फ शेखर मौर्या के विरूद्ध हत्या की घटना के सम्बन्ध में थाना सदर बाजार जनपद शाहजहाँपुर में मु०अ०सं० 800/2024 धारा 191(2), 191(3), 190, 61(2), 103(1), 49, 54, 352, 351(3) बीएनएस का अभियोग पंजीकृत था एवं इस अभियोग में उनके विरूद्ध रूपये 50,000 के पुरस्कार भी घोषित हो गया था।
3 दिसंबर 2024 को अभिषेक उर्फ शेखर मौर्या अपनी बहन रिकेश के कहने पर अपनी बहन सीमा के घर कानपुर आया था। अभिषेक मौर्या के विरूद्ध हत्या का मुकदमा था जिसमें वह फरार चल रहा था। जिसकी वजह से उनको कुलदीप दूबे के घर पर रुकवा दिया था। कुलदीप दूबे द्वारा शेखर के मुकदमें की पैरवी भी की जा रही थी।
अभिषेक मौर्या उर्फ शेखर मौर्या के मुकदमे की पैरवी के लिए कुलदीप ने अभिषेक मौर्या से 10 लाख रूपये की मांग की थी। जिसके लिए अभिषेक की बहन रिकेश, भांजी ज्योति व बडा भाई अजीत मौर्या ने अभिषेक की पत्नी शालू पर दबाव बनाकर उसके जेवर विकवा कर 10 लाख रूपये की व्यवस्था करवाई।
इस बीच अभिषेक मौयां उर्फ शेखर मौर्या द्वारा अपनी पत्नी शालू से लगातार कुलदीप के मोबाइल से कुलदीप की टेलीग्राम आईडी से बात की जा रही थी। अभिषेक मौर्या उर्फ शेखर मौर्या ने अपनी पत्नी से रूपये की व्यवस्था करने के लिए कहा था। किन्तु बीच में अभिषेक की बहन सीमा (अभय व अंकुश की मा) ने अभिषेक से 15 लाख रूपये लगने की बात कही।
इसी बीच कुलदीप दूबे की महिला मित्र को अभिषेक मौर्या द्वारा परेशान किया जाने लगा, जिस पर कुलदीप दूबे ने उसकी हत्या कर दी।
हत्या करने के बाद कुलदीप ने अभय व अंकुश को बताया कि शेखर मौर्या की मृत्यु हो गयी है। उनकी लाश को ठिकाने लगाना पड़ेगा क्योकि वह पुलिस मुकदमें में वाछित है और उनको विरूद्ध इनाम घोषित है। यदि पुलिस को पता चला तो हम लोग भी जेल चले जायेगें।
इस बात पर सभी लोग ने मिलकर शेखर मौर्या उर्फ अभिषेक मौर्या (मृतक) की लाश को पनकी नहर में फेक दिये। इसके बाद ज्योति ने दिनांक 16-12-2024 को अभिषेक उर्फ शेखर मौर्या की पत्नी शालू से मुकदमे की पैरवी के लिए 10 लाख रूपये ले लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ थाना अरमापुर, कानपुर नगर में संबंधित धाराओें 30/25 धारा 103(1), 238, 61(2), 3(5), 253 बीएनएस में में मामला दर्ज किया गया। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है। अभियुक्त शेखर मौर्या के खिलाफ शाहजहांपुर में कई धाराओं में मामला दर्ज है।
Location : Lucknow
Published : 17 August 2025, 5:46 PM IST
Topics : accused criminal Kanpur Lucknow Shahjahanpur Shekhar Maurya