
श्रीगोपाल शर्मा ( अधिवक्ता हिंदू पक्ष )
संभल: संभल में चल रहे धार्मिक स्थल विवाद में नया मोड़ सामने आया है। हिंदू पक्ष के अधिवक्ता श्रीगोपाल शर्मा ने स्पष्ट किया है कि यदि मुस्लिम पक्ष हाईकोर्ट के हालिया फैसले के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट जाता है, तो हिंदू पक्ष सर्वोच्च न्यायालय में कैविएट दाखिल करेगा ताकि उन्हें भी सुनवाई का अवसर मिले। उन्होंने बताया कि इस संबंध में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और जल्द ही विधिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, अधिवक्ता श्रीगोपाल शर्मा ने बताया कि 19 नवंबर 2024 को हिंदू पक्ष द्वारा एक वाद दायर किया गया था, जिसमें मस्जिद कमेटी सहित पांच अन्य लोग प्रतिवादी थे। इसके बाद वरिष्ठ सिविल न्यायालय संभल ने स्थल सर्वेक्षण के आदेश दिए थे, जो 19 और 24 नवंबर को पूरा कर लिया गया। इस आदेश के खिलाफ मस्जिद कमेटी सुप्रीम कोर्ट पहुंची, जहां अंतरिम आदेश देते हुए सर्वे रिपोर्ट को सील बंद लिफाफे में ट्रायल कोर्ट में दाखिल करने का निर्देश दिया गया और मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट स्थानांतरित कर दिया गया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 19 मई को अपने फैसले में मस्जिद कमेटी द्वारा उठाए गए तीन मुख्य मुद्दों को खारिज कर दिया। पहला, सेक्शन 80 सीपीसी के तहत दायर प्रार्थना पत्र की वैधता; दूसरा, सीनियर सिविल डिवीजन कोर्ट को सर्वे आदेश देने का अधिकार; और तीसरा, अदालत के पास विशेष विवाद सुनने का अधिकार। तीनों ही बिंदुओं पर उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के निर्णय को सही ठहराया। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया गया स्थगन आदेश भी अब स्वतः ही समाप्त हो गया है।
हिंदू पक्ष का कहना है कि अब 3 जुलाई से ट्रायल प्रक्रिया शुरू हो सकती है, बशर्ते मस्जिद कमेटी हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती न दे। श्रीगोपाल शर्मा ने यह भी कहा कि हिंदू पक्ष के पास पर्याप्त दस्तावेज़ी प्रमाण मौजूद हैं, और एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) के पास भी महत्वपूर्ण रिकॉर्ड हैं जो उनके पक्ष को मजबूत करते हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि 2018 तक संबंधित स्थल के पास स्थित एक कुएं पर हिंदू समुदाय द्वारा कुआं पूजन किया जाता रहा है, जो इस स्थान की धार्मिक महत्ता को सिद्ध करता है। साथ ही, हाईकोर्ट द्वारा सर्वे रिपोर्ट को सील बंद लिफाफे में रखने के आदेश को खुलवाने के लिए भी हिंदू पक्ष सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगा। हिंदू पक्ष का यह रुख भविष्य की न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है और मामला एक बार फिर देश की शीर्ष अदालत के समक्ष जा सकता है।
Location : Sambhal
Published : 22 May 2025, 3:14 PM IST
Topics : Archaeological Survey of India Decision of the High Court mosque committee Sambhal News Shahi Jama Masjid case