मणिकर्णिका घाट में खंडित मूर्तियों पर सपा का मोर्चा, अखिलेश यादव ने गठित किया प्रतिनिधि मंडल

मणिकर्णिका घाट को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। घाट में राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति खंडित होने के मामले में समाजवादी पार्टी ने सियासी मोर्चा खोल दिया है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 22 January 2026, 2:21 PM IST

Varanasi: मणिकर्णिका घाट को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। घाट में राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति खंडित होने के मामले में समाजवादी पार्टी ने सियासी मोर्चा खोल दिया है। अब सपा ने प्रतिनिधि मंडल गठित किया है, जो 25 जनवरी को घाट जाकर स्थिति का जायजा लेगा। इस कदम को सपा ने काशी की सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के तौर पर पेश किया है।

सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने इस प्रतिनिधि मंडल के गठन का पत्र जारी किया है। इसमें 3 सांसदों, पूर्व मंत्रियों और अन्य नेताओं समेत कुल 11 नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह मंडल मणिकर्णिका घाट जाकर मूर्ति खंडित होने की स्थिति की जानकारी लेगा और प्रशासन से रिपोर्ट लेगा। सपा ने इसे सांस्कृतिक नुकसान बताते हुए चेतावनी दी है कि घाट की धरोहर को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।

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कौन-कौन शामिल होंगे प्रतिनिधि मंडल में

इस डेलिगेशन में शामिल हैं: सपा वाराणसी महानगर अध्यक्ष दिलीप डे, जिलाध्यक्ष सुजीत यादव, सांसद वीरेंद्र सिंह, सांसद सनातन पाण्डेय, सांसद प्रिया सरोज, एसएलसी आशुतोष सिन्हा, पूर्व मंत्री सुरेन्द्र पटेल, सुल्तानपुर के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी पाल, राज्य कार्यकारिणी सदस्य महेंद्र पाल, विधानसभा अध्यक्ष अजहर अली और वाराणसी दक्षिणी के पूर्व प्रत्याशी किशन दीक्षित।

मणिकर्णिका घाट विवाद की पृष्ठभूमि

मणिकर्णिका घाट को विकास के तहत बेहतर बनाने की कार्रवाई के दौरान बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों और वीडियो में आरोप लगाया गया कि राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की पुरानी मूर्ति और अन्य ऐतिहासिक मूर्तियां खंडित हुई हैं। इस पर कांग्रेस और सपा समेत विपक्षी दलों ने सरकार पर काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।

प्रशासन का पक्ष

प्रशासन का कहना है कि घाट के विकास के दौरान प्राचीन संरचनाओं को नुकसान नहीं पहुंचाया गया। मॉनसून में पानी आने से पुरानी मूर्तियों और कलाकृतियों को नुकसान होने का खतरा था। विकास कार्य पूरा होने के बाद मूर्तियों और कलाकृतियों को दोबारा स्थापित किया जाएगा। प्रशासन ने यह भी कहा कि सुरक्षा और संरक्षण के साथ विकास किया जा रहा है।

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सियासी तनाव और सुरक्षा उपाय

सपा का प्रतिनिधि मंडल घाट जाकर स्थिति का जायजा लेने से सियासी हंगामा और बढ़ गया है। स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी है। घाट परिसर में अधिकारियों की मौजूदगी सुनिश्चित की गई है ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे। समाजवादी पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यह कदम घाट की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को बचाने के लिए उठाया गया है।

Location : 
  • Varanasi

Published : 
  • 22 January 2026, 2:21 PM IST