
गोरखपुर नगर निगम में टैक्स वसूली पर सख्ती (IMG: Dynamite News)
Gorakhpur: नगर निगम में संपत्ति कर वसूली की धीमी रफ्तार को लेकर नगर आयुक्त ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। सोमवार को संपत्ति कर विभाग की समीक्षा बैठक में सितंबर 2026 के निर्धारित 40 प्रतिशत लक्ष्य के मुकाबले विभिन्न जोन की वसूली की स्थिति की समीक्षा की गई। इस दौरान जोन-2, जोन-3 और जोन-4 में लक्ष्य के मुकाबले कम वसूली सामने आने पर नगर आयुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने साफ कहा कि राजस्व वसूली में लापरवाही मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा बैठक में अलग-अलग जोन की संपत्ति कर वसूली के आंकड़ों पर चर्चा हुई। इसमें जोन-2 में 34 प्रतिशत, जोन-3 में 21 प्रतिशत और जोन-4 में 38 प्रतिशत संपत्ति कर वसूली होने की जानकारी सामने आई। सितंबर के लिए निर्धारित 40 प्रतिशत लक्ष्य के मुकाबले तीनों जोन पीछे चल रहे हैं। सबसे कम वसूली जोन-3 में दर्ज की गई। नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को शेष अवधि में वसूली की रफ्तार बढ़ाने और नियमित रूप से प्रगति की निगरानी करने के निर्देश दिए।
नगर आयुक्त ने सभी जोनल अधिकारियों और कर अधीक्षकों को निर्देश दिया कि किसी भी पात्र भवन का करारोपण छूटना नहीं चाहिए। इसके लिए भवनों का सर्वे कराने और कर के दायरे से बाहर रह गई संपत्तियों की पहचान करने पर जोर दिया गया। नगर निगम का उद्देश्य नए भवनों और पात्र संपत्तियों को कर के दायरे में लाकर अपना राजस्व आधार मजबूत करना है। अधिकारियों को क्षेत्रवार सर्वे और कर निर्धारण की प्रक्रिया पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
समीक्षा बैठक में करदाताओं से जुड़ी लंबित आपत्तियों का भी मुद्दा उठा। नगर आयुक्त ने सक्षम स्तर से इन आपत्तियों का एक सप्ताह के भीतर निस्तारण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कर निर्धारण या अन्य मामलों में आपत्तियां लंबे समय तक लंबित रहने से करदाताओं को परेशानी होती है और राजस्व वसूली भी प्रभावित होती है। इसलिए मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में एकमुश्त समाधान योजना (OTS) की भी समीक्षा की गई। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को पार्षदों के साथ समन्वय स्थापित कर विशेष कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए। इन कैंपों के जरिए करदाताओं को OTS की जानकारी देने, पात्र लोगों से आवेदन कराने और बकाया संपत्ति कर की वसूली पर जोर दिया जाएगा। नगर निगम का प्रयास है कि अधिक से अधिक बकायेदार इस योजना का लाभ उठाकर अपना लंबित कर जमा करें।
नगर आयुक्त ने बड़े बकायेदारों पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि ऐसे करदाताओं को OTS से संबंधित नोटिस उपलब्ध कराया जाए और उनसे व्यक्तिगत संपर्क कर बकाया संपत्ति कर जमा कराने की कार्रवाई की जाए। इसके अलावा राजस्व निरीक्षकों और वसूलीकर्ताओं को अपने निर्धारित लक्ष्य की नियमित समीक्षा करने और क्षेत्र में सक्रियता से वसूली करने की हिदायत दी गई।
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समीक्षा बैठक के दौरान जोन-4 के कर निरीक्षक श्रेणी-2 संतोष कुमार सिंह से OTS की प्रगति और उससे संबंधित जानकारी मांगी गई। नगर आयुक्त को उनका जवाब संतोषजनक नहीं लगा। इसके बाद नगर आयुक्त ने संतोष कुमार सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इस कार्रवाई के जरिए नगर निगम ने यह संदेश दिया कि निर्धारित लक्ष्य और योजनाओं की प्रगति को लेकर अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में अपर नगर आयुक्त गौरव रंजन श्रीवास्तव, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी राकेश कुमार सोनकर, सहायक नगर आयुक्त तपन मिश्रा, सुरेंद्र प्रताप समेत संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। नगर आयुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि संपत्ति कर वसूली की प्रगति की लगातार समीक्षा की जाए। कम वसूली वाले क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया जाए और लक्ष्य को समय से पूरा करने के लिए क्षेत्रवार कार्ययोजना बनाई जाए।
Location : Gorakhpur
Published : 21 September 2026, 9:25 PM IST