महराजगंज के विकास भवन परिसर में प्रदेश सरकार के नवनिर्माण के नौ वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम के चौथे दिन कृषि सेक्टर पर खास फोकस रहा। जिलाधिकारी ने किसानों के बीच सरकार की योजनाओं, सम्मान निधि, फसल बीमा, गन्ना भुगतान, खरीद व्यवस्था और पशुपालन से जुड़ी उपलब्धियां गिनाईं।

डीएम ने गिनाईं किसानों समेत ये उपलब्धियां
Maharajganj: महराजगंज के विकास भवन परिसर में गुरुवार को ऐसा माहौल दिखा, जैसे सरकार किसानों के बीच अपना पूरा हिसाब-किताब लेकर उतरी हो। मंच सजा था, अधिकारी मौजूद थे, किसान बड़ी संख्या में पहुंचे थे और हर तरफ विकास, योजनाओं और उपलब्धियों की चर्चा थी। प्रदेश सरकार के नवनिर्माण के नौ वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम के चौथे दिन पूरा फोकस कृषि सेक्टर पर रहा। कार्यक्रम की शुरुआत जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के स्वागत के साथ हुई, लेकिन असली संदेश मंच से तब गया जब किसानों के सामने बीते नौ साल की योजनाओं और उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड खोला गया।
किसानों के नाम योजनाओं का पूरा लेखा-जोखा
जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश ने विकास की दिशा में कई अहम पड़ाव पार किए हैं और इसमें कृषि क्षेत्र की भूमिका सबसे मजबूत स्तंभ की तरह रही है। उन्होंने बताया कि जनपद में करीब 4 लाख किसानों को किसान सम्मान निधि की 22वीं किश्त मिली है, जिससे सीधे किसानों को आर्थिक सहारा पहुंचा है। इसके साथ ही 1,34,700 से अधिक किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 297.72 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दी गई। जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि 2,32,731 किसानों को गन्ना मूल्य के रूप में 890 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। वहीं 1.28 लाख किसान सहकारी समितियों से जुड़े हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का संकेत है।
खेती से पशुपालन तक विकास का दावा
कार्यक्रम में कृषि के साथ-साथ पशुपालन और अन्य सहयोगी क्षेत्रों की उपलब्धियां भी सामने रखी गईं। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में 31 गोवंश संरक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं और 95 लाख से ज्यादा पशुओं का टीकाकरण कराया गया है। धान और गेहूं खरीद के आंकड़ों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 3,78,204 किसानों से धान खरीद कर 4.01 करोड़ रुपये और 1,78,847 किसानों से गेहूं खरीद कर 1.21 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इसके अलावा मत्स्य, दुग्ध और दूसरी योजनाओं के जरिए भी किसानों को लाभ पहुंचाने का दावा किया गया।
जैविक खेती और पर्यावरण का संदेश
जिलाधिकारी ने किसानों से कहा कि रासायनिक उर्वरकों का सीमित उपयोग करें और मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर खेती करें, ताकि जमीन की सेहत भी बनी रहे और उत्पादन भी बेहतर हो। उन्होंने जैविक और वैज्ञानिक खेती अपनाने पर जोर दिया और किसानों से अपील की कि आय बढ़ाने के लिए पशुपालन और मत्स्य पालन जैसे व्यवसाय भी साथ में करें। राष्ट्रीय वानिकी दिवस के मौके पर उन्होंने गंगा शपथ दिलाई और खुद रुद्राक्ष का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी, कई विभागों के अधिकारी, बड़ी संख्या में किसान और स्थानीय लोग मौजूद रहे। संचालन पंकज मौर्य ने किया।