बदायूंं के खेड़ा जलालपुर में लगातार धमकियों और हमलों से परेशान अशोक कुमार और उदय प्रताप पनी पत्नियों और बच्चों के साथ गांव छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। आरोप है कि पड़ोस के दबंग लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और प्रशासन कार्रवाई में गंभीर रूप से विफल रहा है।

पीड़ित ने लगाई मदद की गुहार
Budaun: दातागंज तहसील अंतर्गत खेड़ा जलालपुर गांव में हालात भयावह हो चुके हैं। दो परिवार लगातार धमकियों, जान से मारने की धमकी और हमलों से परेशान हैं। पीड़ित परिवारों का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो उनके साथ वही हो सकता है जैसा पहले सैजनी कांड में हुआ था। गांव में सन्नाटा और डर का माहौल छाया हुआ है और लोग प्रशासन पर कार्रवाई न करने का आरोप लगा रहे हैं।
अशोक कुमार और उदय प्रताप का आरोप है कि पड़ोस के ही दबंग कल्लू, मनवीर, शिवम, अजीत, अंशुल और शारांश महीनों से उनके जीवन को दुश्वार बना रहे हैं। सुबह-सुबह शराब पीकर ये आरोपित उनके घरों के दरवाजों पर गाली-गलौज करते हैं। ईंट-पत्थर फेंकते हैं और कई बार तमंचा दिखाकर डराते हैं। पीड़ितों ने बताया कि उनकी निजी जमीन पर जबरन हल और अन्य सामान रख दिया गया। नाली बंद कर दी गई और कब्ज़े की कोशिश की गई।
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पीड़ित परिवारों ने घटनाओं की लिखित और मौखिक शिकायतें थाना उसहैत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बदायूँ, सीओ उझानी और उप-जिलाधिकारी दातागंज को दर्जनों बार दी हैं। इसके साथ ही स्थानीय विधायक को भी अवगत कराया गया। बावजूद इसके कार्रवाई न होने से दोनों परिवारों में भारी निराशा है।
ग्रामीणों ने बताया कि इसी रंजिश की पृष्ठभूमि में वर्षों पहले दो हत्याएं हो चुकी हैं। जिनमें पीड़ित परिवार के कुछ सदस्यों को आजीवन कारावास की सजा हुई थी। अब उसी पुरानी दुश्मनी को आधार बनाकर दोबारा हत्या की साज़िश रची जा रही है। पीड़ित परिवार ने बताया कि हम दर-दर भटक चुके हैं। हर बार अर्जी दी, लेकिन निस्तारण नहीं हुआ। अब डर है कि कहीं सैजनी कांड की तरह ही हमारी हत्या के बाद ही प्रशासन जागे।
लगातार खतरे और प्रशासन की निष्क्रियता के कारण अब परिवारों के लिए गांव में रहना असंभव हो गया है। अशोक और उदय प्रताप अपनी पत्नियों और बच्चों के साथ पलायन कर रहे हैं। यही उनके लिए एकमात्र सुरक्षा का रास्ता बचा है।