
कर्मचारियों की बनेगी डिजिटल कुंडली (Img- Pinterest)
Ayodhya: राम मंदिर की आंतरिक व्यवस्था और सुरक्षा को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से कर्मचारियों की निगरानी और जवाबदेही बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। नए सीईओ एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्र के स्तर से कर्मचारियों के लिए सेना जैसी अनुशासित कार्यप्रणाली विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत कर्मचारियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने और सॉफ्टवेयर के माध्यम से उनकी ड्यूटी व तैनाती की निगरानी की योजना है।
नई व्यवस्था में प्रत्येक कर्मचारी का डिजिटल प्रोफाइल तैयार करने की योजना है। इसमें नियुक्ति, पद, ड्यूटी, तैनाती, उपस्थिति और जिम्मेदारियों से जुड़ी जानकारी दर्ज होगी। इसके लिए ट्रस्ट स्तर पर एक सॉफ्टवेयर विकसित कराया जा रहा है, जिसमें कर्मचारियों का डेटा सुरक्षित रहेगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य मैनुअल रिकॉर्ड पर निर्भरता कम करना और जरूरत पड़ने पर किसी कर्मचारी की तैनाती तथा जिम्मेदारी से संबंधित जानकारी तत्काल उपलब्ध कराना है।
नई व्यवस्था में कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने के साथ उनकी ड्यूटी और तैनाती पर भी नजर रखने की योजना है। संबंधित अधिकारी यह देख सकेंगे कि कर्मचारी निर्धारित स्थान और सौंपी गई जिम्मेदारी के अनुसार काम कर रहा है या नहीं।
सुरक्षाकर्मियों की हाजिरी के लिए फेस रीडिंग तकनीक का इस्तेमाल शुरू किया गया है। इससे ड्यूटी पर समय से पहुंचने और निर्धारित शिफ्ट पूरी करने की निगरानी की जा रही है।
राम मंदिर और ट्रस्ट की विभिन्न व्यवस्थाओं में तैनात कर्मचारियों की स्क्रीनिंग शुरू की गई है। कर्मचारियों का बायोडाटा मांगे जाने के साथ सत्यापन और पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया भी कराई जा रही है। नई व्यवस्था में कर्मचारी की जिम्मेदारी, व्यवहार, समयपालन और जवाबदेही को भी महत्व दिया जा रहा है।
मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए करीब 42 संवेदनशील स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने की तैयारी है। नए सीईओ के कार्यभार संभालने के बाद मंदिर परिसर, दर्शन व्यवस्था और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की निगरानी बढ़ाने की कवायद तेज हुई है।
राम मंदिर की सुरक्षा में तैनात करीब 440 निजी सुरक्षाकर्मियों के लिए ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल पर रोक की व्यवस्था लागू की गई है। ड्यूटी शुरू होने से पहले मोबाइल जमा करना होगा और शिफ्ट पूरी होने के बाद वापस मिलेगा।
रिपोर्ट के अनुसार, करीब 350 सुरक्षाकर्मी SIS और करीब 90 BPIS से जुड़े हैं। परिवार में किसी आपात स्थिति में संपर्क के लिए सेवा केंद्र के आधिकारिक नंबर के माध्यम से संदेश पहुंचाने की व्यवस्था रखी गई है।
नई व्यवस्था के तहत अलग-अलग श्रेणी के कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड भी निर्धारित किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, SBI स्टाफ के लिए आसमानी शर्ट और काली पैंट, एजेंसी स्टाफ के लिए भगवा शर्ट-काली पैंट तथा ट्रस्ट स्टाफ के लिए सफेद शर्ट-काली पैंट रखी गई है। वहीं पुजारी, भंडारी और कोठारी के लिए पीतांबरी रेशमी धोती का प्रावधान बताया गया है।
मंदिर परिसर में प्रवेश और निकास की प्रक्रिया को भी निगरानी के दायरे में लाने की तैयारी है। वीडियो निगरानी के साथ नियमित तलाशी व्यवस्था पर भी जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य मंदिर परिसर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित रखना है।
नई व्यवस्था के तहत मंदिर में आने वाली नकदी की गिनती को लेकर भी बदलाव की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, नकदी की गिनती अब SBI की टीम द्वारा दो शिफ्ट में कराए जाने की व्यवस्था की जा रही है। गिनती की प्रक्रिया में टेबल-कुर्सी के बजाय जमीन पर बैठकर नकदी गिनने की व्यवस्था की बात भी सामने आई है।
राम मंदिर में कर्मचारियों की स्क्रीनिंग, डिजिटल रिकॉर्ड, फेस रीडिंग, CCTV निगरानी और ड्यूटी के दौरान मोबाइल प्रतिबंध जैसे कदमों के जरिए आंतरिक व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करने की कोशिश की जा रही है। नई व्यवस्था में कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने और सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने पर विशेष जोर है।
Location : Ayodhya
Published : 3 October 2026, 4:43 PM IST