हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि के शुभ अवसर पर अयोध्या में ऐतिहासिक आयोजन होने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीराम यंत्र की स्थापना करेंगी। इस भव्य समारोह में करीब 7000 अतिथि शामिल होंगे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Image Source: Google)
New Delhi: हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि के पहले दिन अयोध्या एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने जा रही है। आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के द्वितीय तल पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीराम यंत्र की स्थापना करेंगी। इस खास अवसर पर देशभर से आए करीब सात हजार अतिथि, संत और श्रद्धालु इस दिव्य आयोजन के साक्षी बनेंगे।
राष्ट्रपति का आगमन सुबह लगभग 11 बजे महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर होगा। इसके बाद वह सड़क मार्ग से मंदिर परिसर पहुंचेंगी। अयोध्या में उनका कुल प्रवास करीब चार घंटे का रहेगा, जिसमें कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं।
मंदिर परिसर में प्रवेश करने के बाद राष्ट्रपति सबसे पहले रामलला के दरबार में दर्शन-पूजन करेंगी। इसके बाद मंदिर के दूसरे तल पर पहुंचेंगी, जहां अभिजीत मुहूर्त में ठीक 11:55 बजे श्रीराम यंत्र की स्थापना की जाएगी।
इस अनुष्ठान में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी और कई प्रमुख संत-धर्माचार्य भी मौजूद रहेंगे। वैदिक मंत्रों के बीच होने वाला यह अनुष्ठान आध्यात्मिक और वास्तुशास्त्रीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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इस ऐतिहासिक समारोह में करीब 7000 मेहमानों के शामिल होने की उम्मीद है। इनमें राम मंदिर आंदोलन से जुड़े कारसेवक, लगभग 300 संत-धर्माचार्य, मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले सैकड़ों श्रमिक और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति मंदिर निर्माण में जुटे श्रमिकों से भी संवाद कर सकती हैं, जो इस आयोजन का एक भावनात्मक पहलू होगा। समारोह का संचालन राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय करेंगे और कई प्रमुख हस्तियां अपने विचार रखेंगी।
राष्ट्रपति के आगमन को लेकर अयोध्या में व्यापक तैयारियां की गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पूरे शहर को स्वच्छ, सुरक्षित और भव्य बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया है। नगर निगम द्वारा प्रमुख मार्गों, मंदिर परिसर और सरयू घाटों पर विशेष सफाई और सौंदर्यीकरण किया गया है। करीब 500 सफाई कर्मचारियों को तैनात किया गया है, जो लगातार सफाई व्यवस्था बनाए रखेंगे। साथ ही घाटों और अंडरपासों पर विशेष लाइटिंग की गई है, जिससे शहर की सुंदरता और बढ़ गई है।
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सुरक्षा के लिहाज से भी कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और प्रशासन की टीमें चप्पे-चप्पे पर तैनात हैं ताकि आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक परंपरा को भी दर्शाता है। देश-विदेश में बैठे श्रद्धालु इस भव्य समारोह का लाइव प्रसारण भी देख सकते है, जिससे वे इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बन पाएंगे।