
परेशान व्यापारियों ने दिया धरना
Raebareli: शहर के हृदयस्थल कहे जाने वाले सुपर मार्केट स्थित गुरु तेग बहादुर सिंह मार्केट में वर्षों से व्यापार कर रहे दुकानदारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा बाजार की इमारत को जर्जर घोषित किए जाने के बाद नगर पालिका द्वारा इसे तोड़े जाने की तैयारी की जा रही है। इसी निर्णय के विरोध में मंगलवार को दर्जनों व्यापारियों ने सांकेतिक धरना प्रदर्शन कर अपना आक्रोश जताया।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, गुरु तेग बहादुर मार्केट व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष परमजीत गांधी ने धरने के दौरान कहा कि उन्हें मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली कि नगर पालिका इस मार्केट को जर्जर घोषित कर दुकानदारों को बेदखल करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सीधा-सीधा वर्षों से चल रहे व्यापार को खत्म करने की साजिश है।
परमजीत गांधी ने बताया कि अधिकांश व्यापारी पिछले 48 वर्षों से यहां अलॉटमेंट के आधार पर दुकानें चला रहे हैं, ऐसे में उन्हें जबरन हटाया नहीं जा सकता।
व्यापारियों का कहना है कि अगर भवन का कोई हिस्सा क्षतिग्रस्त है तो पूरी इमारत को जर्जर घोषित करना अनुचित है। परमजीत गांधी ने बताया कि उन्होंने नगर पालिका से अनुरोध किया था कि अगर प्रशासन मरम्मत नहीं करा सकता तो व्यापारी स्वयं खर्च उठाकर मरम्मत कराने को तैयार हैं, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। व्यापारियों ने आशंका जताई कि किसी दुर्घटना का इंतजार कर उन्हें हटाने की योजना बनाई जा रही है।
धरना प्रदर्शन में युवा उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष अतुल कुमार गुप्ता, प्रदेश व्यापार मंडल के महामंत्री पंकज मुरारका सहित कई व्यापार संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में प्रशासन से व्यापारियों के हितों की रक्षा करने और किसी भी कार्रवाई से पहले वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की।
इस पूरे मामले पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी स्वर्ण सिंह ने स्पष्ट किया कि पीडब्ल्यूडी द्वारा 15 नवंबर 2025 को सौंपी गई जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता ओम प्रकाश की रिपोर्ट के अनुसार यह भवन लगभग 60 वर्ष पुराना है और अपनी आयु पूरी कर चुका है। निरीक्षण में पाया गया कि पैरापेट बेहद कमजोर है, छज्जों का प्लास्टर टूट चुका है और स्लैब की सरिया कई जगह से जंग खाकर गल चुकी है।
ईओ स्वर्ण सिंह ने बताया कि भवन के भीतर सरकारी कार्यालय और बैंक भी संचालित हो रहे हैं, जिनकी छतें भी क्षतिग्रस्त हैं। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने कहा कि जनहानि से बचने के लिए अग्रिम कार्रवाई आवश्यक है और प्रशासन कानून के दायरे में रहकर निर्णय लेगा।
व्यापारियों ने साफ कहा है कि अगर उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
Location : Raebareli
Published : 28 January 2026, 4:26 PM IST