रायबरेली के सरेनी थाना क्षेत्र में मजदूरी के पैसे मांगने पर दबंगों ने दलित परिवार से मारपीट की और जातिसूचक गालियां दीं। थाने में सुनवाई न होने पर पीड़ित परिवार एसपी ऑफिस पहुंचा।

पीड़ित परिवार पहुंचा एसपी ऑफिस
Raebareli: रायबरेली में आज भी दबंगई और सामंतवादी सोच की तस्वीर सामने आई है, जहां मेहनत की मजदूरी मांगना एक दलित परिवार के लिए जुर्म बन गया। पैसे के विवाद में दबंगों ने न सिर्फ परिवार को बेरहमी से पीटा, बल्कि जातिसूचक गालियां देकर खुलेआम कानून को चुनौती दी। पीड़ितों की फरियाद जब थाने में नहीं सुनी गई तो इंसाफ की उम्मीद लेकर पूरा परिवार पुलिस अधीक्षक के दरवाजे तक पहुंचा।
क्या है पूरा मामला
यह मामला रायबरेली जनपद के थाना सरेनी क्षेत्र के हैबतपुर कला गांव का है। गांव की रहने वाली शांति देवी पत्नी रामविलास ने पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि 17 जनवरी की शाम करीब 7 बजे गांव के ही भूपेंद्र सिंह, राहुल सिंह और विवेक सिंह समेत कुछ अन्य लोगों से मजदूरी के पैसों को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के दौरान दबंगों ने अचानक हिंसक रूप ले लिया और शांति देवी के साथ मारपीट शुरू कर दी।
जमीन पर पटककर पीटा, कपड़े तक फाड़े
पीड़िता के अनुसार आरोपियों ने उन्हें जमीन पर पटक दिया, बेरहमी से पीटा और उनके कपड़े तक फाड़ दिए। शोर सुनकर जब उनका बेटा बीच-बचाव के लिए पहुंचा तो उसे भी नहीं बख्शा गया। दबंगों ने बेटे के साथ भी मारपीट की, जिससे उसे गंभीर चोटें आई हैं। इस पूरी घटना के दौरान आरोपियों द्वारा जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए खुलेआम धमकियां भी दी गईं।
थाने में नहीं हुई सुनवाई
पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के बाद वे थाना सरेनी पहुंचे और पूरी बात पुलिस को बताई, लेकिन वहां उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। न तो तत्काल कोई कार्रवाई की गई और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कदम उठाया गया। इससे पीड़ित परिवार और ज्यादा भय और असुरक्षा के माहौल में आ गया।
न्याय की आस में एसपी ऑफिस पहुंचा परिवार
थाने से निराश होकर पीड़ित परिवार सोमवार को रायबरेली पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और पूरे मामले की लिखित शिकायत दी। शांति देवी ने एसपी से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि दबंग खुलेआम धमकी दे रहे हैं और उन्हें जान का खतरा बना हुआ है। पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है।
सवालों के घेरे में कानून व्यवस्था
इस घटना ने एक बार फिर जिले की कानून व्यवस्था और दलित उत्पीड़न के मामलों में पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि एसपी कार्यालय में पहुंची इस शिकायत के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं।