प्रयागराज: उफनाती नदियों में रील बनाने वालों पर सख्ती, पुलिस ने कसी कमर

प्रयागराज में गंगा और यमुना नदी इन दिनों उफान पर हैं और शहर के कई इलाके बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर रील और सेल्फी के लिए खतरा मोल लेने वालों की हरकतें प्रशासन के लिए चिंता का कारण बन गई हैं। इसे देखते हुए प्रयागराज पुलिस अब ऐसे लोगों पर सख्ती बरतने के लिए तैयार हो गई है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 8 August 2025, 2:00 PM IST

Prayagraj: प्रयागराज में गंगा और यमुना नदी इन दिनों उफान पर हैं और शहर के कई इलाके बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर रील और सेल्फी के लिए खतरा मोल लेने वालों की हरकतें प्रशासन के लिए चिंता का कारण बन गई हैं। इसे देखते हुए प्रयागराज पुलिस अब ऐसे लोगों पर सख्ती बरतने के लिए तैयार हो गई है।

पुलिस उपायुक्त (DCP) अभिषेक भारती ने जानकारी दी कि शहर के सभी थानों को आदेश जारी कर दिया गया है कि उनके क्षेत्र के बाढ़ग्रस्त इलाकों में सघन निगरानी रखी जाए। उन्होंने बताया कि किसी भी व्यक्ति को उफनती नदियों में सेल्फी या वीडियो बनाते हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस की ओर से स्पष्ट कर दिया गया है कि गंगा और यमुना में स्नान करना, नाव चलाना या फिर बाढ़ के पानी में रील बनाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। शहर के सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में गश्त बढ़ाएं और लोगों को जागरूक करें। साथ ही, निगरानी के लिए एसीपी स्तर की एक विशेष टीम भी गठित की गई है जो बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार नजर रखेगी।

प्रशासन ने भी आम जनता से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति बाढ़ के पानी के पास न जाए और सोशल मीडिया के लिए जान जोखिम में न डाले। एक एडवाइजरी भी जारी की गई है, जिसमें नागरिकों से कहा गया है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें।

डीसीपी अभिषेक भारती ने बताया कि यह निर्णय लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, क्योंकि हाल के वर्षों में बाढ़ के पानी में फंसने और डूबने की कई घटनाएं सामने आई हैं। पुलिस और प्रशासन का यह कदम लोगों को अनावश्यक जोखिम से बचाने के लिए है।

नदी के किनारे रील बनाने या सेल्फी लेने के चक्कर में अब कोई भी लापरवाही भारी पड़ सकती है, क्योंकि पुलिस की निगाहें अब और ज्यादा सतर्क हो चुकी हैं। सुरक्षा से समझौता करने वालों को अब कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

Location : 
  • Prayagraj

Published : 
  • 8 August 2025, 2:00 PM IST