
भाजपा के जिलाध्यक्ष रामाश्रय मौर्य (IMG: Social Media)
Mau: उत्तर प्रदेश के मऊ में भाजपा के जिलाध्यक्ष रामाश्रय मौर्य गंभीर आरोपों के घेरे में आ गए हैं। रतनपुरा गांव में पुरानी रंजिश को लेकर चल रहा विवाद अब थाने से निकलकर अदालत तक पहुंच गया है। न्यायालय के आदेश के बाद हलधरपुर थाना पुलिस ने भाजपा जिलाध्यक्ष समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि 7 जुलाई की सुबह अजीत सिंह के घर के पास पहुंचकर उनके साथ गालीगलौज और मारपीट की गई। पीड़ित का कहना है कि थाने में सुनवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्हें कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
पूरा विवाद हलधरपुर थाना क्षेत्र के रतनपुरा गांव का है। अजीत सिंह और उनकी पत्नी खुशबू सिंह का आरोप है कि पूर्व प्रधान और वर्तमान भाजपा जिलाध्यक्ष रामाश्रय मौर्य के साथ उनकी पुरानी रंजिश है। दोनों पक्षों के बीच विवाद की शुरुआत प्रधानी चुनाव के बाद से होने की बात कही जा रही है।
अजीत सिंह का कहना है कि वह और उनकी पत्नी मसाले का छोटा कारोबार चलाते हैं। आरोप है कि चुनाव के बाद से उनके कारोबार को लेकर लगातार शिकायतें कर जांच कराई जाती रहीं। हालांकि, उनके मुताबिक जांच में कोई गड़बड़ी नहीं मिली और कोई कार्रवाई भी नहीं हुई।
अजीत सिंह के मुताबिक, 7 जुलाई की सुबह करीब सात बजे रामाश्रय मौर्य अपने तीन समर्थकों के साथ उनके घर के पास पहुंचे। आरोप है कि वहां उनके साथ गालीगलौज की गई और मारपीट भी हुई। अजीत का कहना है कि पत्नी और आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव किया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। पीड़ित पक्ष के अनुसार, घटना के बाद वह हलधरपुर थाने पहुंचा, लेकिन शिकायत के बावजूद मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। उनका आरोप है कि दूसरी ओर भाजपा जिलाध्यक्ष की शिकायत पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली। अब कोर्ट के आदेश पर भाजपा जिलाध्यक्ष समेत तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
रामाश्रय मौर्य ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उनके खिलाफ राजनीतिक साजिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि उनके घर और आसपास CCTV कैमरे लगे हैं। उनके अनुसार, 6 जुलाई की शाम वह घर पहुंचे थे और 7 जुलाई को सुबह 11 बजकर 12 मिनट पर घर से बाहर निकले। उनका दावा है कि CCTV फुटेज पुलिस को उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और कानून-न्यायालय के फैसले का वह सम्मान करेंगे।
मऊ के एसपी कमलेश बहादुर के मुताबिक, पुलिस ने पहले दर्ज मामले की जांच के दौरान CCTV फुटेज खंगाले थे। पुलिस का कहना है कि शिकायत में बताए गए स्थान पर मारपीट की पुष्टि नहीं हुई। विवेचना और CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने पहले दर्ज कराए गए मुकदमे को फर्जी पाया था। अब कोर्ट के आदेश पर दर्ज नए मुकदमे में लगाए गए आरोपों की जांच पुलिस करेगी।
Location : Mau
Published : 13 August 2026, 5:17 PM IST
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