मैनपुरी में टप्पेबाज गिरोह के एक शातिर सदस्य की पुलिस ने बड़ी सफलता के साथ गिरफ्तारी की है। अपाचे बाइक पर सवार दो शातिर आरोपियों ने राहगीर को फंसाकर 20 हजार रुपये की ठगी की। जिसमें से 10 हजार रुपये पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। पुलिस की तेजी से कार्रवाई और सटीक सूचना के दम पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तार आरोपी
Mainpuri: जिले में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं लेकिन पुलिस भी लगातार उन्हें शिकस्त देने में जुटी है। हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी की चिंता बढ़ा दी है। एक शातिर टप्पेबाज गिरोह ने राहगीरों को फंसाकर ठगी का नया तरीका निकाला था। लेकिन पुलिस की पक्की कार्रवाई ने गिरोह के एक सदस्य को पकड़ने में सफलता हासिल कर ली है।
मैनपुरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, रास्ता पूछने के बहाने टप्पेबाजी कर 20 हजार रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का एक शातिर सदस्य गिरफ्तार। चोरी के 10 हजार रुपये और अपाचे बाइक भी बरामद। साथी फरार की तलाश जारी। @mainpuripolice #mainpuri pic.twitter.com/z6jEAAUXZH
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) March 27, 2026
24 मार्च की शाम करीब 4 बजे जयवीर सिंह दीवानी रोड पर पैदल जा रहे थे। तभी अचानक दो युवक अपाची बाइक पर सवार होकर उनके पास आए। वे रास्ता पूछने के बहाने जयवीर को अपनी बाइक पर बैठा लेते हैं। फिर मौके का फायदा उठाकर उनकी जेब से 20 हजार रुपये उड़ा लेते हैं। इसके बाद आरोपी उन्हें ललपुर के पास उतारकर फरार हो जाते हैं। इस घटना ने इलाके में खलबली मचा दी थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मैनपुरी के पुलिस अधीक्षक ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया। टीम ने अपनी तफ्तीश तेज करते हुए मुखबिर की सूचना पर 27 मार्च को पुसैना तिराहा के पास से कृष्णा गिहार नामक आरोपी को दबोच लिया। कृष्णा गिहार 21 साल का शातिर अपराधी है, जो पहले भी चोरी और अन्य गंभीर अपराधों में शामिल रहा है।
पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि यह वारदात उसने अपने साथी देवेंद्र उर्फ मनीष गिहार के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी के 10 हजार रुपये और अपाचे मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है। फिलहाल उसका साथी फरार है। जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस के अफसर ने बताया कि इस गिरोह के सभी सदस्यों को पकड़ने के लिए कड़ी मेहनत की जा रही है और जल्द ही पूरे गिरोह का सफाया कर दिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने जनता से अपील की है कि वे संदिग्ध लोगों की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि अपराधियों पर कड़ी नजर रखी जा सके और ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।