आगरा जिपलाइन हादसे पर छलका माता-पिता का दर्द, बोले- ‘दो घंटे तड़पता रहा बेटा, फिर भी नहीं मिली मदद’

आगरा के जिपलाइन हादसे में बेटे की मौत के बाद पीड़ित माता-पिता न्याय की मांग लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे। परिवार ने एडवेंचर कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों की गिरफ्तारी और 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 30 May 2026, 1:36 PM IST

Agra : आगरा के चर्चित जिपलाइन हादसे में 16 साल कुनाल अग्रवाल की मौत के बाद परिवार का दर्द अब गुस्से में बदलता नजर आ रहा है। हादसे के पांच दिन बाद भी कोई बड़ी कार्रवाई नहीं होने से आहत माता-पिता शुक्रवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। जहां अधिकारियों के सामने अपना दुख बयां करते हुए फूट-फूटकर रो पड़े। परिवार ने एडवेंचर कंपनी और प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए दोषियों की गिरफ्तारी, सख्त कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की है।

डीएम कार्यालय पहुंचा पीड़ित परिवार

दरअसल, 24 मई को ताजनगरी फेज-2 स्थित जोनल पार्क में जिपलाइन गतिविधि के दौरान फिरोजाबाद के चूड़ी कारोबारी पंकज अग्रवाल के 16 साल बेटे कुनाल अग्रवाल की ऊंचाई से गिरकर मौत हो गई थी। बताया गया कि जिपलाइन के दौरान लगाया गया सेफ्टी हुक अचानक टूट गया। जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ।

शुक्रवार को कुनाल के पिता पंकज अग्रवाल और मां रिंकी अग्रवाल, अखिल भारतीय अग्रवाल महासभा के पदाधिकारियों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मामले में न्याय की मांग की।

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‘मेरा बेटा दो घंटे तक तड़पता रहा’

मां रिंकी अग्रवाल ने प्रशासन और एडवेंचर कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हादसे के बाद उनका बेटा करीब दो घंटे तक दर्द से तड़पता रहा। कंपनी का कोई कर्मचारी मदद के लिए आगे नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्क में न तो एंबुलेंस की व्यवस्था थी और न ही प्राथमिक उपचार की कोई सुविधा मौजूद थी।

रिंकी अग्रवाल ने कहा कि आखिरकार परिवार के लोगों को ही कुनाल को ऑटो से अस्पताल पहुंचाना पड़ा। उनका दावा है कि अगर समय पर मेडिकल सहायता मिल जाती तो शायद उनके बेटे की जान बच सकती थी।

दोषियों के नाम सार्वजनिक करने की मांग

पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांग की कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के नाम सार्वजनिक किए जाएं और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। पिता पंकज अग्रवाल ने कहा कि घटना के पांच दिन बीत जाने के बाद भी एडीए या ठेकेदार कंपनी का कोई जिम्मेदार व्यक्ति सामने नहीं आया है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने जल्दबाजी में तहरीर ली। जिसमें कई महत्वपूर्ण तथ्य शामिल नहीं किए गए।

50 लाख मुआवजे की मांग, आंदोलन की चेतावनी

अखिल भारतीय अग्रवाल महासभा ने प्रशासन से दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।

निष्पक्ष जांच का भरोसा

जिलाधिकारी मनीष बंसल ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा। उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

Location :  Agra

Published :  30 May 2026, 1:36 PM IST