UP Politics: प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की राजा भैया से मुलाकात, 2027 चुनाव से पहले क्या बदलेंगे सियासी समीकरण?

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने लखनऊ में राजा भैया से मुलाकात की। MLC चुनाव के बीच हुई इस मुलाकात को 2027 के विधानसभा चुनाव और संभावित राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 20 October 2026, 5:47 PM IST

Lucknow : उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं की मुलाकातों के मायने निकाले जाने लगे हैं। इसी बीच भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के आवास पहुंचना चर्चा का विषय बन गया है। 18 अक्टूबर को पंकज चौधरी अचानक लखनऊ स्थित राजा भैया के आवास ‘रामायण’ पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई, इस पर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, इस मुलाकात को विधान परिषद चुनाव से लेकर 2027 के विधानसभा चुनाव तक के राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।

MLC चुनाव के बीच मुलाकात क्यों अहम?

उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों पर चुनाव के बीच हुई इस मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चुनावी मुकाबले के बीच राजनीतिक दलों के लिए अपने समर्थन का दायरा बढ़ाना और प्रभावशाली नेताओं के साथ संवाद बनाए रखना अहम होता है। ऐसे में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का खुद राजा भैया के आवास पहुंचना राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।

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राजा भैया की पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के पास दो विधायक और एक विधान परिषद सदस्य होने की बात सामने आती रही है। कांग्रेस के पास भी दो विधायक हैं, जबकि बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के निधन के बाद विधानसभा में उसका प्रतिनिधित्व समाप्त हो गया है। ऐसे में जनसत्ता दल की सीमित लेकिन महत्वपूर्ण राजनीतिक मौजूदगी पर चर्चा हो रही है। राजा भैया पहले भी भाजपा से अपेक्षित राजनीतिक महत्व नहीं मिलने की शिकायत कर चुके हैं। ऐसे में इस मुलाकात को दोनों पक्षों के बीच संवाद बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

हिंदुत्व के मुद्दे पर भी बन सकता है तालमेल

राजा भैया की राजनीति में हिंदुत्व और हिंदू हितों से जुड़े मुद्दे भी चर्चा में रहे हैं। राम मंदिर और हिंदुत्व से जुड़े विषयों पर उनके बयानों के कारण भाजपा के साथ वैचारिक समानता की संभावनाओं पर भी बात होती रही है। हालांकि, केवल इन मुद्दों के आधार पर दोनों दलों के बीच किसी नए राजनीतिक समझौते का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। मुलाकात में किन विषयों पर चर्चा हुई, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

2027 विधानसभा चुनाव से पहले क्या है रणनीति?

पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने राजा भैया की पार्टी के उम्मीदवारों के खिलाफ अपने प्रत्याशी उतारे थे। कुछ सीटों पर जनसत्ता दल की मौजूदगी ने मुकाबले को दिलचस्प बनाया था।

Location :  Lucknow

Published :  20 October 2026, 4:53 PM IST