“ऑपरेशन रक्षा” में गोरखपुर पुलिस का बड़ा एक्शन, दो नाबालिग की जिंदगियां बचाई

ऑपरेशन रक्षा के तहत गोरखपुर पुलिस की एएचटी टीम ने दो लावारिस नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति को सौंपा।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 29 January 2026, 11:26 PM IST

Gorakhpur: गोरखपुर में नाबालिग बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। मानव तस्करी, बाल श्रम और शोषण जैसे अपराधों पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियानों के बीच एक बार फिर गोरखपुर पुलिस ने समय रहते सराहनीय कार्रवाई कर दो मासूम जिंदगियों को खतरे से बाहर निकाल लिया। यह कार्रवाई “ऑपरेशन रक्षा” के तहत की गई। जिसने पुलिस की संवेदनशील और जिम्मेदार छवि को और मजबूत किया है।

ऑपरेशन रक्षा के तहत कार्रवाई

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर राज करन नय्यर के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक अपराध के मार्गदर्शन में थाना एएचटी यानी एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टीम लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में 29 जनवरी 2026 को अभियान के दौरान पुलिस टीम को दो नाबालिग बालक संदिग्ध परिस्थितियों में लावारिस हालत में मिले। दोनों बच्चे बिना किसी अभिभावक के थे, जिससे पुलिस को तुरंत अनहोनी की आशंका हुई।

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पूछताछ में नहीं मिली परिजनों की जानकारी

पुलिस द्वारा की गई प्राथमिक पूछताछ में दोनों बच्चे अपने माता-पिता या परिजनों के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके। इस स्थिति ने मानव तस्करी या शोषण की आशंका को और गंभीर बना दिया। ऐसे मामलों में थोड़ी सी भी देरी बच्चों के भविष्य के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।

संवेदनशीलता के साथ की गई देखभाल

थाना एएचटी की टीम ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए बच्चों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। उन्हें भोजन, कपड़े और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, ताकि वे खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। पुलिस ने यह सुनिश्चित किया कि बच्चों पर किसी भी तरह का मानसिक या शारीरिक दबाव न पड़े।

बाल कल्याण समिति को सौंपे गए बच्चे

कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए दोनों नाबालिगों को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां आगे की आवश्यक कार्यवाही के लिए उन्हें सुपुर्द कर दिया गया। अब समिति बच्चों की पहचान, परिजनों की तलाश और भविष्य की सुरक्षा को लेकर आगे की कार्रवाई करेगी।

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क्या है ऑपरेशन रक्षा का उद्देश्य

पुलिस अधिकारियों के अनुसार ऑपरेशन रक्षा का मकसद नाबालिग बच्चों को मानव तस्करी, बाल श्रम, भिक्षावृत्ति और अन्य संगठित अपराधों से बचाना है। इसके तहत रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बाजार और अन्य संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

जनता से सहयोग की अपील

गोरखपुर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं कोई नाबालिग बच्चा लावारिस या संकट की स्थिति में दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दें। यह छोटी सी पहल किसी बच्चे का भविष्य सुरक्षित कर सकती है। थाना एएचटी की यह कार्रवाई न केवल कानून-व्यवस्था की मजबूती को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि गोरखपुर पुलिस समाज के सबसे कमजोर वर्ग की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

Location : 
  • Gorakhpur

Published : 
  • 29 January 2026, 11:26 PM IST