
हिजाब विवाद में मायावती और असदुद्दीन ओवैसी हुए आमने-सामने (Image: Dynamite News)
Lucknow: हिजाब विवाद अब काफी ज्यादा बढ़ता जा रहा है। दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उस मुस्लिम छात्रा की याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें मांग की गई थी कि मुस्लिम छात्राओं को स्कूल के अंदर भी हिजाब पहनने की अनुमति दी जानी चाहिए। इस मामले पर अब नेताओं ने भी टिप्पणी करना शुरू कर दिया है। एक तरफ मायावती ने तो दूसरी तरफ असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है। जिसकी वजह से उत्तर प्रदेश में यह मामला तेजी से तूल पकड़ता जा रहा है।
मायावती ने इस मामले में कहा कि हिजाब का मुद्दा इतना बड़ा नहीं था कि इसे हाईकोर्ट तक ले जाना पड़े। अगर चाहा जाता तो स्कूल प्रशासन स्तर पर ही इसका समाधान निकाला जा सकता था। उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों को अदालत तक ले जाने से बचना चाहिए, क्योंकि कई बार इन मामलों पर कुछ लोग राजनीति करने लगते हैं।
वहीं, असदुद्दीन ओवैसी ने इस मामले पर कहा कि हाईकोर्ट का फैसला गलत है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर हाईकोर्ट को धार्मिक मामलों में इस तरह का फैसला देने का अधिकार क्यों है? हाईकोर्ट को यह अधिकार किसने दिया?
ओवैसी ने आगे कहा कि यह सीधे तौर पर इस्लाम पर हमला है। उन्होंने कहा कि हर समुदाय की तरह मुसलमानों की भी अपनी अलग नेतृत्व व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि भारत में करीब 18 करोड़ की आबादी वाले मुस्लिम समुदाय के पास केवल 24 सांसद हैं, जिसकी वजह से उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जाती है।
Location : Lucknow
Published : 26 August 2026, 1:01 PM IST
Topics : Allahabad High Court Asaduddin Owaisi Hijab Controversy Mayawati Muslim Students Hijab Case