दिव्यांगों के हुनर से हर कोई हुआ हैरान, नोएडा DME में आयोजित नेशनल एबिलिम्पिक्स के प्रतिभागियों ने जीता दिल

फिनलैंड में मई 2027 में होने वाली 11वीं इंटरनेशनल एबिलिम्पिक्स के लिए नोएडा के डीएमई में छह दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है, जिसमें देश भर से चयनित दिव्यांग प्रतिभागियों ने विशेषज्ञ मार्गदर्शन में तकनीकी कौशल का कड़ा अभ्यास किया है।

Post Published By: Subhash Raturi
Updated : 6 September 2026, 11:57 AM IST

Noida: फिनलैंड में मई 2027 में होने वाली 11वीं इंटरनेशनल एबिलिम्पिक्स की तैयारियों को लेकर नोएडा के दिल्ली मेट्रोपॉलिटन एजुकेशन (डीएमई) में चल रहा छह दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर शनिवार को संपन्न हो गया। नेशनल एबिलिम्पिक एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NAAI) के सहयोग से 31 अगस्त से 5 सितंबर तक आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य देश के विभिन्न कोनों से चुने गए दिव्यांग प्रतिभागियों की तकनीकी दक्षता और सटीकता को धार देना था।

विशेषज्ञों की देखरेख में हुआ कड़ा अभ्यास

प्रशिक्षण शिविर के दौरान देश के जाने-माने विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को वर्ड प्रोसेसिंग और डेस्कटॉप पब्लिशिंग जैसी श्रेणियों में विशेष तौर पर प्रशिक्षित किया। डीएमई के असिस्टेंट प्रोफेसर माधव शर्मा और डीएमई मीडिया स्कूल के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ विशाल सहाय ने नेशनल एक्सपर्ट के रूप में कमान संभाली। माधव शर्मा इससे पहले 2023 में फ्रांस के मेट्ज में आयोजित 10वीं इंटरनेशनल एबिलिम्पिक्स में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनके और डॉ विशाल सहाय के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने छह दिनों तक व्यावहारिक अभ्यास और हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग पूरी की।

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देशभर से जुटे चुनिंदा प्रतिभागी

इस राष्ट्रीय शिविर में शारीरिक और श्रवण बाधित श्रेणी के उन धुरंधर प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिन्हें कड़ी प्रक्रिया के बाद चुना गया था। इनमें चेन्नई के मोहन ई, कोलकाता के चिन्मय मंडल, मुंबई के करण तन्ना, अहमदाबाद के गौरव और पुणे के हार्दिक शाह शामिल रहे। इन सभी ने शिविर में अपनी गति और कौशल को परखा और उसे वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालने का प्रयास किया।

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पिछले प्रदर्शन से मिली है बड़ी उम्मीदें

'ओलंपिक्स ऑफ एबिलिटीज' के नाम से मशहूर एबिलिम्पिक्स दिव्यांगजनों के व्यावसायिक कौशल को दुनिया के सामने लाने का बड़ा मंच है। भारत ने पिछले साल फ्रांस में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण, दो रजत, तीन कांस्य और एक मेडल ऑफ एक्सीलेंस समेत कुल सात पदक जीते थे। पदक तालिका में सातवें स्थान पर रहे इन भारतीय विजेताओं को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी सम्मानित किया था। इसी प्रेरणा के साथ इस बार भी भारतीय दल बड़े लक्ष्य के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रहा है।

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संस्थान के सहयोग से मिली सफलता

शिविर के समापन पर सार्थक एजुकेशनल ट्रस्ट के एबिलिम्पिक्स लीडर-इंडिया रजत मोहन ने डीएमई प्रबंधन के प्रति धन्यवाद किया। उन्होंने प्रतिभागियों को आधुनिक बुनियादी ढांचे, इंटरनेट और अन्य जरूरी संसाधन मुहैया कराने में संस्थान की भूमिका को अहम बताया। छह दिवसीय इस आयोजन के समापन के साथ ही अब भारतीय दल ने फिनलैंड के महाकुंभ के लिए अपनी रिहर्सल को और तेज कर दिया है।

Location :  Noida

Published :  6 September 2026, 11:57 AM IST