अघोरी, पिशाच और आग का खेल… मुजफ्फरनगर में शिव चौक पर भोलेनाथ की बारात ने क्यों खींचा हजारों लोगों का ध्यान?

मुजफ्फरनगर के शिव चौक पर कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण में भोलेनाथ की अनोखी बारात आकर्षण का केंद्र बनी। अघोरी, भूत-प्रेत और पिशाचों की वेशभूषा में कलाकारों ने तांडव प्रस्तुत किया। अग्नि प्रदर्शन ने श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा। हजारों लोगों ने झांकी के फोटो और वीडियो बनाए।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 8 August 2026, 8:42 AM IST

Muzaffarnagar: कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण में गुरुवार देर रात मुजफ्फरनगर का शिव चौक आस्था, भक्ति और अनोखी धार्मिक झांकियों से सराबोर नजर आया। रात करीब 11 बजे हापुड़ जिले के आसोड़ा गांव से पहुंचे शिवभक्त हरिओम चिंगारी की विशेष थीम आधारित कांवड़ ने श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। भगवान भोलेनाथ की बारात और श्मशान घाट की थीम पर तैयार की गई झांकी देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुट गए।

अघोरी और पिशाचों के तांडव ने खींचा ध्यान

झांकी में भगवान शिव के अघोर स्वरूप को प्रदर्शित किया गया था। अघोरी, भूत-प्रेत और पिशाचों की वेशभूषा में कलाकारों ने तांडव नृत्य की प्रस्तुति देकर माहौल को बेहद प्रभावशाली बना दिया।

विशेष प्रकाश व्यवस्था, ध्वनि प्रभाव और धार्मिक प्रतीकों से सजी इस झांकी ने शिव चौक पर मौजूद श्रद्धालुओं को आकर्षित किया। प्रस्तुति के दौरान लगातार 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयघोष गूंजते रहे।

अग्नि प्रदर्शन बना सबसे बड़ा आकर्षण

झांकी के दौरान एक कलाकार के अग्नि प्रदर्शन ने भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। प्रदर्शन देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौके पर रुक गए। कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन से झांकी की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए।

अनोखी सजावट और कलाकारों की प्रस्तुति को देखने के लिए शिव चौक पर देर रात तक लोगों की भीड़ बनी रही।

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हर साल अलग थीम पर तैयार होती है कांवड़

शिवभक्त हरिओम चिंगारी ने बताया कि उनकी टीम हर साल अलग-अलग विषयों पर कांवड़ और झांकी तैयार करती है। इस बार भगवान शिव की बारात के माध्यम से सनातन परंपरा में वर्णित भोलेनाथ के अघोर स्वरूप को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

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उन्होंने बताया कि झांकी तैयार करने में लंबे समय तक मेहनत की गई, ताकि धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संदेश भी लोगों तक पहुंचाया जा सके।

पुलिस और स्वयंसेवकों ने संभाली व्यवस्था

झांकी को देखने के लिए भीड़ बढ़ने के बावजूद पुलिस और स्वयंसेवकों ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को संभाले रखा। श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की गई।

देर रात तक शिव चौक पर हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारे गूंजते रहे। भगवान भोलेनाथ की यह अनोखी बारात कांवड़ यात्रा के दौरान लोगों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बनी रही।

 

Location :  Muzaffarnagar

Published :  8 August 2026, 8:42 AM IST