Muzaffarnagar: नशीली दवाएं देकर कराया जाता था धर्म परिवर्तन, मौलाना के परिवार की पूर्व बहू के आरोपों से मचा हड़कंप

मुजफ्फरनगर के फुलत गांव स्थित एक मदरसे से जुड़े कथित धर्मांतरण मामले में नया मोड़ तब आया, जब मुख्य आरोपी के बेटे की पूर्व पत्नी ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिलकर कई गंभीर आरोप लगाए। पुलिस पहले से दर्ज मुकदमे की जांच कर रही है और सभी आरोपों की सत्यता की पड़ताल की जा रही है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 11 July 2026, 8:44 AM IST

Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के फुलत गांव स्थित मदरसा दारुल उलूम रहिमिया से जुड़े कथित धर्मांतरण मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। इस मामले में मदरसे के संचालक मौलाना हफीजुर्रहमान अंसारी और उनके बेटे जुनैद अंसारी के खिलाफ पहले से ही धर्मांतरण से संबंधित शिकायत के आधार पर रतनपुरी थाने में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इसी बीच शुक्रवार को आरोपी के बेटे जुनैद अंसारी की पूर्व पत्नी नाजिया अपने परिवार के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय पहुंची और अधिकारियों से मुलाकात कर कई गंभीर आरोप लगाए। नाजिया ने दावा किया कि वह लंबे समय तक इस परिवार के साथ रही है और कई घटनाओं की प्रत्यक्ष जानकारी रखती है।

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पूर्व पत्नी ने धर्मांतरण और शोषण के लगाए आरोप

नाजिया ने पुलिस अधिकारियों को दिए गए अपने बयान में आरोप लगाया कि मदरसे में कुछ लोगों को बहला-फुसलाकर लाया जाता था और बाद में उनका धर्म परिवर्तन कराया जाता था। उन्होंने दावा किया कि इस काम में परिवार के कई सदस्य शामिल थे। नाजिया के अनुसार, लोगों को डराने और दबाव बनाने के लिए कथित रूप से उनकी आपत्तिजनक वीडियो बनाई जाती थीं और बाद में उन्हें ब्लैकमेल किया जाता था। उनका आरोप है कि इसी दबाव के कारण कई लोग खुलकर सामने आने से डर रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

परिवार के कई सदस्यों पर लगाया शामिल होने का आरोप

नाजिया ने आरोप लगाया कि इस कथित नेटवर्क में उनके पूर्व ससुर मौलाना हफीजुर्रहमान अंसारी के अलावा परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल थे। उन्होंने दावा किया कि लोगों को विभिन्न तरीकों से मदरसे तक लाया जाता था और वहां उनके साथ धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया कराई जाती थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस कथित गतिविधि में कई अन्य सहयोगी भी जुड़े हुए थे और यह एक संगठित गिरोह की तरह काम करता था। नाजिया का कहना है कि इस संबंध में वह पहले भी कई अधिकारियों को शिकायत दे चुकी हैं।

नशीली दवाएं बेचने के भी लगाए आरोप

पूर्व पत्नी ने यह भी आरोप लगाया कि यूनानी दवाइयों के नाम पर कुछ लोगों को नशीले पदार्थ दिए जाते थे। उनका दावा है कि इन दवाओं का इस्तेमाल कथित रूप से लोगों को अपने प्रभाव में लेने के लिए किया जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ महिलाओं को भी ऐसी दवाएं दी जाती थीं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक किसी सरकारी एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच एजेंसियां मामले की पड़ताल कर रही हैं।

यौन शोषण और अन्य गंभीर आरोप भी लगाए

नाजिया ने अपने बयान में यौन शोषण और महिलाओं के उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने परिवार में रहते हुए कई ऐसी घटनाओं के बारे में जानकारी हासिल की थी और वह शुरू से इन गतिविधियों का विरोध करती रही थीं। उनका आरोप है कि विरोध करने के कारण उनके साथ मारपीट की गई और बाद में उन्हें घर से निकाल दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि इसी वजह से उनका वैवाहिक संबंध भी समाप्त हो गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

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पुलिस पहले से कर रही है मामले की जांच

रतनपुरी थाना पुलिस पहले से दर्ज मुकदमे की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्कर्ष निकाला जाएगा। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। यदि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं, तो उन्हें भी केस डायरी में शामिल किया जाएगा।

स्वामी यशवीर ने की सुरक्षा देने की मांग

इस मामले को लेकर योग साधना आश्रम के महंत स्वामी यशवीर जी महाराज ने भी एक वीडियो जारी कर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मामले की गहराई से जांच कराने की मांग की है। स्वामी यशवीर ने कहा कि जिन लोगों ने शिकायत दर्ज कराई है और जिन्होंने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाए हैं, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनका कहना है कि यदि आरोप गंभीर हैं तो शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले को गंभीरता से लेने और जांच को निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाने की अपील की है।

जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई

फिलहाल यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर पुलिस पहले से दर्ज मुकदमे की जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर नए आरोपों के सामने आने के बाद जांच का दायरा बढ़ सकता है। मामले में लगाए गए सभी आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और उनकी पुष्टि होना बाकी है। प्रशासन और पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों और जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। ऐसे संवेदनशील मामलों में जांच पूरी होने तक किसी भी पक्ष को दोषी या निर्दोष मानना उचित नहीं माना जाता। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई हैं।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  11 July 2026, 8:44 AM IST