
बाढ़ के पानी में डूबी ओड़ी साधन सहकारी समिति(IMG: Dynamite News)
Mirzapur: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच गड़ई नदी का जलस्तर बढ़ने और अहरौरा बांध से पानी छोड़े जाने के बाद हसौली क्षेत्र में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है। बाढ़ का पानी ओड़ी साधन सहकारी समिति लिमिटेड के परिसर में पहुंच गया। कार्यालय, गोदाम, स्टोर रूम और आसपास का पूरा कैंपस पानी से घिर गया है। कई दिनों से भवन के पीछे पानी जमा रहने के कारण उसकी पिछली दीवार में भी दरार पड़ गई है।
बताया गया कि बरसात के दौरान गड़ई नदी के ओवरफ्लो होने पर बाढ़ के पानी को निकालने के लिए अहरौरा बांध से संचालित बेलहर राजवाहा के जरिए निकासी की व्यवस्था की गई थी। हसौली गांव के पास साइफन बनाकर पानी को आगे निकालने का रास्ता तैयार किया गया था, लेकिन समय के साथ इस व्यवस्था में दिक्कतें आने लगीं।
स्थानीय स्तर पर साइफन में बार-बार कूड़ा और गंदगी जमा होने से पानी के आवागमन में रुकावट की शिकायत की जाती रही। इसके बाद सिंचाई विभाग ने साइफन को तोड़कर वहां खुली नहर बना दी। आरोप है कि इसके बाद बाढ़ के पानी की निकासी की पुरानी व्यवस्था प्रभावित हो गई और पानी के बाहर निकलने का रास्ता बाधित हो गया।
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अत्यधिक बारिश के दौरान गड़ई नदी का पानी बढ़ने पर हसौली और करजी गांव के आसपास भी जलभराव हो गया। इसी जलभराव की चपेट में ओड़ी साधन सहकारी समिति का परिसर भी आ गया। समिति के भवन के चारों ओर पानी जमा है, जबकि पीछे लंबे समय से पानी ठहरा होने के कारण दीवार को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है।
समिति के सचिव बाबूलाल सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष भी बारिश और बाढ़ का पानी समिति परिसर में घुस गया था। उस दौरान गोदाम में रखा लाखों रुपये का रासायनिक खाद खराब हो गया था। उन्होंने बताया कि इस बार पहले से ही बाढ़ की आशंका को देखते हुए खाद, बीज और अन्य जरूरी सामान को सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया था। इसलिए इस बार सामग्री के नुकसान से बचाव हो गया।
सचिव के मुताबिक, पिछले साल हुए नुकसान का बीमा कराया गया था और बीमा कंपनी के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर क्षति का आकलन भी किया था। इसके बावजूद अब तक बीमा की राशि समिति को नहीं मिल सकी है। उन्होंने संबंधित स्तर पर जल्द भुगतान की मांग की है।
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अन्नदाता मंच के संयोजक चौधरी रमेश सिंह ने समिति भवन की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि पिछले साल हुई क्षति का मुआवजा जल्द दिया जाना चाहिए और भवन की तत्काल मरम्मत कराई जानी चाहिए। उनका कहना है कि लगातार पानी जमा रहने से भवन कमजोर हो रहा है और समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
बारिश के दौरान बार-बार सामने आ रही जलभराव की समस्या ने क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और समिति से जुड़े लोगों का कहना है कि बाढ़ के पानी की निकासी के लिए स्थायी और प्रभावी व्यवस्था जरूरी है, ताकि गांवों के साथ-साथ सरकारी और सहकारी संस्थानों को भी नुकसान से बचाया जा सके।
Location : Mirzapur
Published : 8 September 2026, 4:17 PM IST
Topics : Flood Water Drainage Hasouli Waterlogging Irrigation Department mirzapur news Odi Cooperative Society