पद बदला पर नहीं बदला लोगों का प्यार, मिर्जापुर में क्यों आज भी गूंजता है इस महिला IAS का नाम?

मिर्जापुर में राजस्व बोर्ड की विशेष सचिव दिव्या मित्तल नई कलेक्ट्रेट जमीन के निरीक्षण के लिए तीन दिवसीय प्रशासनिक दौरे पर मिर्जापुर पहुंचीं। इस दौरान उनसे मिलने ग्रामीणों और आदिवासियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। उनके कार्यकाल में लहुरीदाह गांव में दूर हुए ऐतिहासिक पेयजल संकट और उनकी सादगी की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 15 July 2026, 8:23 AM IST

Mirzapur: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में दिव्या मित्तल जो पहले जिला मजिस्ट्रेट थीं और अभी राजस्व बोर्ड की विशेष सचिव हैं का तीन दिन का दौरा काफी चर्चा में रहा। आधिकारिक तौर पर, उनके दौरे का मकसद नई कलेक्ट्रेट बिल्डिंग के लिए प्रस्तावित जेमीन का निरीक्षण करना और उससे जुड़े राजस्व और कानूनी मामलों की समीक्षा करना था। हालांकि एक विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) पहले ही तैयार हो चुकी थी, लेकिन चुनी गई जमीन से जुड़ी कानूनी अड़चनों के कारण उन्होंने खुद चंदीपुर में उस जगह का दौरा किया ताकि हालात का सीधे जायजा ले सकें।

लोग उनसे मिलने दूर-दूर से आए

यह दौरा तब और चर्चा का विषय बन गया जब उनसे मिलने के लिए बड़ी संख्या में लोग जिनमें ग्रामीण, आदिवासी, बुज़ुर्ग, महिलाएं और युवा शामिल थे इकट्ठा हुए। लोगों की इस भारी भीड़ ने राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलों को जन्म दिया। कुछ लोगों ने इस भीड़ का कारण उनकी लोकप्रियता को माना और उनके भविष्य की राजनीतिक संभावनाओं पर कयास लगाने शुरू कर दिए, जबकि यह दौरा पूरी तरह से प्रशासनिक था और उन्होंने खुद ऐसे किसी इरादे का कोई संकेत नहीं दिया था।

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पेयजल परियोजना एक बड़ी उपलब्धि बनी

दिव्या मित्तल के कार्यकाल की सबसे अहम उपलब्धियों में से एक थी ब्रह्मांडगंज इलाके में स्थित लहुरीदाह गांव में पेयजल संकट का समाधान। जिला मुख्यालय से लगभग 65 किलोमीटर दूर पहाड़ी इलाके में बसे इस गांव के लोग लंबे समय से प्राकृतिक झरनों और बारिश के पानी पर निर्भर थे। गर्मियों के महीनों में, जब पानी के स्रोत सूख जाते थे, तो टैंकरों से पानी की सप्लाई की जाती थी, फिर भी वह काफी नहीं होता था।

हालात का पता चलने पर, तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट दिव्या मित्तल ने पीने के पानी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की। परियोजना लागू होने के बाद, ग्रामीणों को पहली बार अपने घरों में साफ पीने का पानी मिलने लगा। स्थानीय लोगों के अनुरोध पर, उन्होंने परियोजना का उद्घाटन करने के लिए खुद गांव का दौरा किया।

सादगी और लोगों से जुड़ाव ने एक अलग छाप छोड़ी

मिर्जापुर के दौरे के दौरान, दिव्या मित्तल का जमीन से जुड़ा और मिलनसार स्वभाव साफ तौर पर दिखाई दिया। वह बिना किसी खास VIP इंतजाम के मां विंध्यवासिनी मंदिर गईं और आम नागरिकों से मिलकर उनकी परेशानियां सुनीं। स्थानीय लोग बताते हैं कि आधिकारिक पद पर होने के बावजूद, वह हमेशा एक आम नागरिक की तरह बातचीत करती थीं, जिससे अपनापन और जुड़ाव का एहसास होता था। उनकी लोकप्रियता चर्चा का विषय बन गई। इस तीन दिन के दौरे ने एक बार फिर दिखा दिया कि किसी अधिकारी का काम करने का तरीका, संवेदनशीलता और जनता से सीधा जुड़ाव उन्हें लोगों के दिलों में हमेशा के लिए जगह दिला सकता है।

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मिर्जापुर में दिव्या मित्तल की मौजूदगी ने न सिर्फ पुरानी यादें ताजा कीं, बल्कि उनकी लोकप्रियता को लेकर नई चर्चाएं भी शुरू कर दीं। हालांकि उनके दौरे का मकसद पूरी तरह से प्रशासनिक था, लेकिन लोगों का उत्साह यह बताता है कि जिले में उनके कार्यकाल का असर आज भी कायम है।

Location :  Mirzapur

Published :  15 July 2026, 8:23 AM IST