करवा चौथ पर बाजारों में रौनक, मेहंदी लगवाने के लिए उमड़ी महिलाओं की भीड़

झाँसी में करवा चौथ पर्व को लेकर बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई है। बाजारों में सड़क किनारे करवों का बाजार लगा, साथ ही महिलाएं हाथों में मेहंदी लगवाने के लिए पहुंच रही हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 29 October 2026, 3:50 PM IST

Jhansi: झाँसी में करवा चौथ पर्व को लेकर बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई है। बाजारों में सड़क किनारे करवों का बाजार लगा, साथ ही महिलाएं हाथों में मेहंदी लगवाने के लिए पहुंच रही हैं। मेहंदी आर्टिस्ट विजय ने बताया कि वह पिछले 10-12 वर्षों से इस काम से जुड़े हैं। त्योहार के अवसर पर उनकी पूरी टीम मेहंदी लगाने में जुटी है। महिलाएं अरेबियन, भरा-हाथ सहित विभिन्न आकर्षक डिजाइनों को पसंद कर रही हैं। करवा चौथ को लेकर मेहंदी कलाकारों के यहां भी काफी व्यस्तता देखने को मिल रही है।अच्छे स्वास्थ्य की कामना

पहले करवा चौथ को लेकर नवविवाहिता शिवांगी में खासा उत्साह देखने को मिला, वह अपना पहला करवा चौथ मनाने जा रहीं शिवांगी ने बताया कि यह व्रत पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए रखा जाता है। व्रत के दौरान महिलाएं पूरे दिन निर्जला उपवास रखती हैं। शाम को पूजा-अर्चना और चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद पति का चेहरा देखकर व्रत खोला जाता है। शिवांगी ने बताया कि उनके लिए यह पर्व बेहद खास है।

करवा चौथ पर बाजारों में रौनक फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज

परिवार की सुख-समृद्धि की कामना

करवा चौथ के पावन पर्व पर इंदु उमेश कुमार ने व्रत के महत्व और इससे जुड़ी परंपराओं पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि महिलाएं पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं। शाम को पूजा-अर्चना और कथा सुनने के बाद चंद्रोदय पर चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है। इसके बाद पति का चेहरा देखकर व्रत खोला जाता है। उन्होंने कहा कि यह पर्व दांपत्य जीवन में प्रेम, विश्वास और आपसी सामंजस्य का संदेश देता है। साथ ही परिवार के बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर सामूहिक रूप से त्योहार मनाने की परंपरा भी महत्वपूर्ण है।

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सोलह श्रृंगार, करवा चौथ की कथा और चंद्रमा को अर्घ्य, ममता शर्मा ने बताया करवा चौथ पर्व पर महिलाएं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पति की दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। ममता शर्मा ने बताया कि व्रत के दिन महिलाएं स्नान-ध्यान के बाद पूजा की तैयारियां करती हैं। शाम को सोलह श्रृंगार कर करवा चौथ की कथा सुनी जाती है और विधि-विधान से पूजन किया जाता है। रात में चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य दिया जाता है, इसके बाद पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत का पारण किया जाता है।

Location :  Jhansi

Published :  29 October 2026, 3:50 PM IST