UP में नदियों का रौद्र रूप! चित्रकूट में मंदाकिनी ने मचाई तबाही, 800 दुकानें डूबीं… होटल में फंसे श्रद्धालु

उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच कई नदियां उफान पर हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के बढ़े जलस्तर ने शनिवार को भारी तबाही मचाई। हाईवे और कई मार्ग बंद हो गए, रामघाट की करीब 800 दुकानें पानी में डूब गईं और होटल में श्रद्धालु फंस गए। प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रदेश के 26 जिलों में करीब 1.71 लाख लोग प्रभावित बताए गए हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 30 August 2026, 1:09 PM IST

Lucknow/Chitrakoot: लगातार बारिश के बाद उत्तर प्रदेश के कई जिलों में नदियों ने रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मध्य प्रदेश और पहाड़ी इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश का असर अब यूपी में साफ दिखाई दे रहा है। शनिवार को चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा तो देखते ही देखते शहर के कई हिस्से पानी में डूब गए। हाईवे पर आवागमन रोकना पड़ा, कई रास्ते बंद हो गए और रामघाट की सैकड़ों दुकानें बाढ़ के पानी में समा गईं। कई होटल और घरों में लोग फंस गए, जिन्हें बचाने के लिए प्रशासन और स्थानीय लोग जुटे हुए हैं।

मंदाकिनी ने रोकी चित्रकूट की रफ्तार

चित्रकूट में शनिवार को मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ हालात तेजी से बिगड़ने लगे। नदी का तेज बहाव दोपहर करीब 1:30 बजे झांसी-मिर्जापुर हाईवे पर कर्वी को जोड़ने वाले पुल के आसपास तक पहुंच गया। पानी का दबाव और तेज बहाव देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पुल पर आवागमन बंद कर दिया। हाईवे बंद होने से कई जिलों से आने-जाने वाले लोगों की मुश्किल बढ़ गई। बताया जा रहा है कि कानपुर, प्रयागराज, बांदा और हमीरपुर समेत कई इलाकों की ओर जाने वाले और मुख्यालय की तरफ आने वाले करीब 10 से 15 हजार राहगीर रास्ते में फंस गए।

रामघाट की 800 दुकानें पानी में डूबीं

मंदाकिनी के उफान का सबसे ज्यादा असर रामघाट और आरोग्य धाम क्षेत्र में दिखाई दिया। बाढ़ का पानी तेजी से इन इलाकों में भर गया। रामघाट के आसपास करीब 800 दुकानें पानी में डूब गईं। दुकानदारों के सामने अपना सामान बचाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई। कई लोग दुकानों से सामान निकालकर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर ले जाते नजर आए। वहीं, कई घरों में पानी पहुंचने के कारण लोग बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। कुछ परिवार प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं।

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चित्रकूट-बांदा मार्ग भी बंद

मंदाकिनी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए चित्रकूट-बांदा मार्ग को भी पूरी तरह बंद कर दिया गया। सतना की ओर जाने वाले मार्ग पर भी प्रशासन ने आवाजाही रोक दी। सीतापुर शंख चौराहा से वाहनों को रोक दिया गया। मानिकपुर-सतना मार्ग पर कारी बराह पुल के टूटने की भी जानकारी सामने आई है। इससे क्षेत्र में आवागमन और प्रभावित हुआ है।

होटलों में फंसे सैकड़ों श्रद्धालु

चित्रकूट में बाढ़ का असर श्रद्धालुओं पर भी पड़ा है। कई होटल और धर्मशालाओं में ठहरे लोग पानी बढ़ने के कारण फंस गए। सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जिनमें श्रद्धालु होटल की खिड़कियों और छतों से प्रशासन से मदद की अपील करते दिखाई दे रहे हैं। प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटी हैं। गोबरिया क्षेत्र में फंसे करीब 50 लोगों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

प्रयागराज में भी बढ़ा बाढ़ का खतरा

चित्रकूट के साथ प्रयागराज में भी गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। संगम क्षेत्र में पानी तेजी से ऊपर की ओर बढ़ रहा है। बढ़ते जलस्तर का असर संगम क्षेत्र स्थित हनुमान जी के मंदिर तक भी दिखाई देने लगा है। पानी मंदिर के मुख्य द्वार और कॉरिडोर की दीवारों तक पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने के कारण प्रशासन ने आसपास के इलाकों पर निगरानी बढ़ा दी है। लोगों को नदी के किनारे और निचले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।

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यूपी के 26 जिले बाढ़ की चपेट में

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्रदेश में बाढ़ की स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस समय उत्तर प्रदेश के 26 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। इन जिलों में करीब 1.71 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। 251 गांवों में बाढ़ का असर बताया गया है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए बाढ़ शरणालय बनाए गए हैं, जहां एक हजार से ज्यादा लोगों को रखा गया है। राहत और बचाव कार्यों के लिए प्रदेश में 447 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं।

सीएम योगी ने बलिया में किया हवाई सर्वेक्षण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बलिया के बांसडीह विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ और कटान प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने इस दौरान बाढ़ की स्थिति और प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। हवाई सर्वेक्षण के बाद मुख्यमंत्री बाढ़ राहत शिविर पहुंचे और प्रभावित लोगों से मुलाकात की। उन्होंने राहत सामग्री भी वितरित की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री समय पर पहुंचाने और बचाव कार्यों में किसी तरह की लापरवाही नहीं करने के निर्देश दिए।

मौत होने पर पांच लाख तक की सहायता

मुख्यमंत्री योगी ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए सरकार की ओर से उपलब्ध सहायता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिजली या बाढ़ की चपेट में आने से मौत होने पर कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि बाढ़ के कारण किसी गरीब का मकान गिरता है तो उसे तत्काल भूमि का पट्टा और आवास उपलब्ध कराया जाएगा।

Location :  Lucknow/Chitrakoot

Published :  30 August 2026, 1:09 PM IST