महराजगंज के मिठौरा ब्लॉक के हरखोड़ा गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। चार अपात्र लाभार्थियों को आवास का लाभ दिए जाने के मामले में ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। पहले ही ग्राम प्रधान के अधिकार सीज किए जा चुके हैं।

महराजगंज विकास भवन (Img: Google)
Maharajganj: प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजना में अनियमितता सामने आने के बाद महराजगंज प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मिठौरा ब्लॉक के हरखोड़ा गांव में चार अपात्र लाभार्थियों को आवास योजना का लाभ दिए जाने के मामले में ग्राम विकास अधिकारी (सचिव) चंद्रप्रकाश गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवददाता के अनुसार, इससे पहले ग्राम प्रधान के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार भी सीज किए जा चुके हैं।
दरअसल, बुधवार को जिला विकास अधिकारी बीएन कन्नौजिया ने मामले को गंभीर मानते हुए ग्राम विकास अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया। निलंबन अवधि के दौरान सचिव को सिसवा ब्लॉक से संबद्ध किया गया है। इसके साथ ही पूरे मामले की अंतिम और विस्तृत जांच के लिए सिसवा ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
जांच रिपोर्ट में यह सामने आया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हरखोड़ा गांव में स्वीकृत नौ आवासों में से चार लाभार्थी, सुमन वर्मा, अमरावती, त्रिभुवन और रमनी पूरी तरह अपात्र थे। जांच के दौरान पाया गया कि इन सभी लाभार्थियों के पास पहले से ही पक्के मकान मौजूद थे, इसके बावजूद उन्हें योजना का लाभ दिया गया।
IAS अधिकारी के पिता को हनीट्रैप में फंसाने की साजिश, 14 मिनट की कॉल और खुल गया पूरा खेल
प्रत्येक अपात्र लाभार्थी को योजना के तहत तीन किस्तों में कुल 1.20 लाख रुपये की धनराशि दी गई। इस तरह चार अपात्रों को कुल 4.80 लाख रुपये का अनुचित लाभ पहुंचाया गया। जांच आख्या में यह भी स्पष्ट हुआ कि लाभार्थियों के चयन में निर्धारित मानकों की अनदेखी की गई और सचिव स्तर पर पर्यवेक्षण में गंभीर लापरवाही बरती गई।
इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने 2 जनवरी को ग्राम प्रधान अनीता देवी के प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकार सीज कर दिए थे। साथ ही तत्कालीन सचिव के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। उसी क्रम में अब ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित किया गया है।
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह में बड़ा फैसला, महराजगंज में अब बिना हेलमेट नहीं खरीदी जाएगी बाइक
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है। ऐसे में अपात्रों को लाभ देना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि वास्तविक पात्रों के अधिकारों का हनन भी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि अन्य लोग भी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने यह भी कहा है कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।