स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का प्रयागराज पुलिस कमिश्नर पर बड़ा आरोप, बरपा कहर; जानें कौन हैं IPS जोगिंदर कुमार?

प्रयागराज माघ मेला 2026 में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को संगम नोज तक जाने से रोकने का विवाद गरमाया। इस दौरान पुलिस और अनुयायियों के बीच झड़प हुई। अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार को जिम्मेदार ठहराया।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 21 January 2026, 1:03 PM IST

Prayagraj: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज माघ मेला 2026 में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के संगम नोज तक जाने के विवाद ने तूल पकड़ लिया है। मौनी अमावस्या स्नान पर्व के दौरान शंकराचार्य को पालकी में ले जाने से रोक दिया गया। इस दौरान उनके अनुयायियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।

इस पूरी घटना को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार को जिम्मेदार ठहराया है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पुलिस कमिश्नर को घेरा

घटना के बाद शंकराचार्य ने कहा कि प्रयागराज पुलिस कमिश्नर ने उनसे अनुचित तरीके से बातचीत की। उन्होंने आरोप लगाया, “प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर हमसे कह रहे थे कि ‘यही गलती है, ज्यादा गर्मी चढ़ी है, सारी गर्मी उतार दूंगा’। यह व्यवहार निंदनीय है और इससे विवाद और बढ़ गया है।”

इस घटना ने धार्मिक समुदाय और प्रशासन के बीच बहस को जन्म दिया। विरोध केवल प्रयागराज तक सीमित नहीं रहा, बल्कि हरिद्वार में भी विरोध प्रदर्शन हुए। भारत साधु समाज और श्री अखंड परशुराम अखाड़ा के कार्यकर्ताओं ने हर की पैड़ी पर सांकेतिक धरना देकर अपनी नाराजगी जताई।

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कौन हैं IPS जोगिंदर कुमार?

जोगिंदर कुमार 2007 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्हें सख्त और प्रोफेशनल पुलिस अधिकारियों में गिना जाता है। वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पसंदीदा अधिकारियों में शामिल हैं। आईजी कानपुर के दौरान उनके कठोर निर्णयों ने प्रशासनिक हड़कंप मचा दिया।

जोगिंदर कुमार राजस्थान के बाड़मेर जिले के रहने वाले हैं। उनका जन्म 5 अप्रैल 1978 को हेमा राम के परिवार में हुआ। उन्होंने राजनीतिशास्त्र में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की। कमिश्नर स्तर पर प्रमोशन मिलने के बाद उन्हें 11 मई 2025 को प्रयागराज पुलिस कमिश्नर पद पर नियुक्त किया गया। वह वर्ष 2016 में मई से अक्टूबर तक प्रयागराज पुलिस कप्तान भी रह चुके हैं।

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कैसे गहराया विवाद?

मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर शंकराचार्य को संगम नोज तक जाने से रोकने के कारण विवाद बढ़ गया। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शंकराचार्य से फोन पर बात की, जबकि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने प्रयागराज जाकर उनसे मुलाकात की। विपक्ष ने इस मुद्दे पर प्रदेश सरकार और प्रशासन को निशाने पर लिया।

हरिद्वार में हुए विरोध प्रदर्शन में श्री अखंड परशुराम अखाड़ा के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि यह घटना सनातन प्रेमियों के लिए चिंता का विषय है। भारत साधु समाज के राष्ट्रीय संगठन मंत्री स्वामी प्रबोधनानंद गिरि ने कहा कि शंकराचार्य का पद प्रशासन नहीं, बल्कि साधु-संतों की ओर से तय किया जाता है और उन्होंने इस घटना की कड़ी निंदा की।

Location : 
  • Prayagraj

Published : 
  • 21 January 2026, 1:03 PM IST