योगी की पाती से प्रदेशवासियों को बड़ा संदेश, गणेशोत्सव और विश्वकर्मा जयंती पर जानिए सीएम योगी ने क्या कहा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गणेश चतुर्थी और भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर ‘योगी की पाती’ लिखकर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 14 September 2026, 6:11 PM IST

Lucknow: सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'योगी की पाती' संदेश के जरिए राज्य के लोगों को गणेश चतुर्थी और भगवान विश्वकर्मा जयंती (17 सितंबर को मनाई जाने वाली) की बधाई दी। उन्होंने गणेश चतुर्थी को एक भव्य त्योहार बताया जो सामाजिक एकता और राष्ट्र के प्रति संकल्प को मजबूत करता है। उन्होंने लोगों से यह भी आग्रह किया कि वे 'वोकल फॉर लोकल' (स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने) की सोच को केवल विचार तक सीमित न रखें बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का अहम हिस्सा बनाएं।

गणेश चतुर्थी सामाजिक एकता और राष्ट्र निर्माण का पर्व

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्री गणेश जिनकी पूजा सबसे पहले की जाती है शुभता और कल्याण के प्रतीक हैं। उन्होंने राज्य भर के युवाओं को अपने घरों में गणपति की मूर्तियां स्थापित करते और गहरी श्रद्धा के साथ पूजा करते हुए देखकर खुशी जाहिर की। गणेश चतुर्थी की बधाई देते हुए उन्होंने सामाजिक एकता को बढ़ावा देने और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करने में इस त्योहार की भूमिका पर जोर दिया।

गणपति की आराधना में प्रकृति संरक्षण का संदेश

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान गणेश का पर्यावरण और जीव-जंतुओं के साथ गहरा संबंध उनके स्वरूप और जीवन दर्शन में स्पष्ट रूप से झलकता है। उनका हाथी जैसा सिर वनों और वन्यजीवों का प्रतीक है, जबकि उनकी सवारी चूहा मिट्टी की उर्वरता और कृषि के बारे में संदेश देती है। उनका बड़ा पेट पूरे ब्रह्मांड को समाहित करने का प्रतीक है और उनके बड़े कान प्रकृति की हर पुकार पर ध्यान देने के लिए प्रेरित करते हैं।

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उन्होंने बताया कि 'एकविंशति पत्र' गणेश चतुर्थी के दौरान चढ़ाई जाने वाली इक्कीस तरह की विशेष पत्तियां औषधीय पौधों के संरक्षण की परंपरा से जुड़ी हैं। इस प्रकार गणपति का स्वरूप यह संदेश देता है कि मानव जीवन और प्रकृति एक-दूसरे के पूरक हैं।

लोकमान्य तिलक ने गणेशोत्सव को बनाया जनशक्ति का माध्यम

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकमान्य तिलक ने इस व्यापक भावना को एक भव्य त्योहार में बदल दिया, जो आस्था से एकता, एकता से जन-शक्ति और जन-शक्ति से राष्ट्र-निर्माण की यात्रा के लिए प्रेरित करता है। गणेशोत्सव के दौरान दिखने वाली ज्ञान, बुद्धि और कर्म की भावना, सृजन और निर्माण के प्रतीक भगवान विश्वकर्मा की पूजा में भी झलकती है।

विश्वकर्मा जयंती पर विकसित यूपी का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 सितंबर को जब ब्रह्मांड के पहले इंजीनियर भगवान विश्वकर्मा की पूजा की जाती है हुनर और टेक्नोलॉजी के तालमेल से एक विकसित उत्तर प्रदेश बनाने का संकल्प और मजबूत होगा। एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, इंडस्ट्रियल जोन और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर राज्य की बढ़ती क्षमताओं का सबूत हैं। उन्होंने कहा कि किसी राज्य का असली विकास सिर्फ़ शानदार इमारतों से नहीं, बल्कि वहां के लोगों के हुनर उनके विचारों की ताकत और उनके उद्यमी जज्बें से होता है।

कारीगरों और युवाओं को कौशल से बाजार तक जोड़ने पर जोर

योगी ने बताया कि राज्य सरकार पारंपरिक कारीगरों, शिल्पकारों, युवाओं और उद्यमियों को हुनर, औजार, फाइनेंस और बाजार से जोड़ने के लिए 'विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना', 'एक जिला-एक उत्पाद' (ODOP), 'उत्तर प्रदेश स्किल डेवलपमेंट मिशन' और 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' जैसी पहल लागू कर रही है।

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‘वोकल फॉर लोकल’ को व्यवहार में उतारने की अपील

मुख्यमंत्री ने राज्य के लोगों से अपील की कि वे ‘वोकल फॉर लोकल’ के विचार को सिर्फ सोच तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल करें। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों के प्रति सम्मान बढ़ाने से कारीगरों को काम मिलेगा, युवाओं को रोजगार मिलेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि आत्मनिर्भर और विकसित उत्तर प्रदेश का रास्ता तभी मजबूत होगा जब हम प्रकृति के प्रति संवेदनशील रहते हुए स्थानीय हुनर ​​और क्षमताओं पर भरोसा करेंगे।

Location :  Lucknow

Published :  14 September 2026, 6:11 PM IST