Lucknow Fire Tragedy: लखनऊ की आग से कई युवाओं के सपने स्वाहा; पढ़िये अंतहीन दर्द की दास्तान

लखनऊ के अलीगंज स्थित निजी संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। हादसे में जान गंवाने वाले अधिकांश युवा अविवाहित थे और उनके घरों में शादी की तैयारियां चल रही थीं।

Post Published By: Subhash Raturi
Updated : 24 June 2026, 4:16 PM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित निजी संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। हादसे में जान गंवाने वाले अधिकांश युवा अविवाहित थे और उनके घरों में शादी की तैयारियां चल रही थीं। किसी का रिश्ता तय हो चुका था तो किसी के लिए परिवार जीवनसाथी की तलाश कर रहा था। हादसे के बाद पोस्टमार्टम हाउस में परिजनों का दर्द देखकर हर आंख नम हो गई।

अग्निकांड ने बदल दी कई परिवारों की जिंदगी

लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। मृतकों में अधिकांश युवा थे, जो अपने परिवारों के सपनों का सहारा थे। किसी के घर में शादी की तैयारी चल रही थी तो किसी की शादी इसी साल होने वाली थी। हादसे के बाद पोस्टमार्टम हाउस में देर रात तक शवों का पोस्टमार्टम चलता रहा। इस दौरान परिजनों की चीख-पुकार और बिलखते परिवारों का दर्द हर किसी को भावुक कर रहा था।

Lucknow Fire: अलीगंज अग्निकांड की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, झुलसने से नहीं ऐसे हुई 15 युवाओं की मौत

कैसे हुआ लखनऊ अग्निकांड?

अलीगंज स्थित एक निजी संस्थान में सोमवार को अचानक आग लग गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार आग तेजी से पूरे भवन में फैल गई। देखते ही देखते धुएं और लपटों ने कई लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। भवन के अंदर मौजूद कई कर्मचारी और प्रशिक्षु बाहर निकलने का मौका नहीं पा सके। दमकल विभाग और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी थी।

अब तक क्या-क्या हुआ?

हादसे के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया और उन्हें परिजनों को सौंपा गया। घटना के कारणों की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि भवन में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया है। वहीं, मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है।

सूरज की शादी का सपना अधूरा रह गया

हादसे में जान गंवाने वाले कानपुर के बर्रा निवासी 28 वर्षीय सूरज सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे और थ्रीडी एनीमेशन आर्टिस्ट के रूप में काम कर रहे थे। परिवार में उनकी मां, छोटा भाई और बहन हैं। परिजनों के अनुसार सूरज की शादी इसी वर्ष होने वाली थी। वह परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। इससे पहले तीन साल पहले उनके पिता शिवराम सिंह की भी पेट्रोल पंप पर आग लगने की घटना में मौत हो गई थी। अब इस हादसे ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है।

सौमिल्य और अनामिका की मौत से दो परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

कोलकाता के साउथ 24 परगना निवासी 28 वर्षीय सौमिल्य बेरा भी इस हादसे का शिकार हो गए। परिवार में माता-पिता और बड़ा भाई हैं। बड़ा भाई भारतीय सेना में तैनात है।परिजनों ने बताया कि हादसे के बाद उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं हो सकी। बाद में पुलिस से मौत की सूचना मिली। सौमिल्य के साथ उनकी रिश्ते की बहन 30 वर्षीय अनामिका की भी जान चली गई। अनामिका पिछले पांच वर्षों से लखनऊ में नौकरी कर रही थीं। परिवार उनकी शादी की तैयारी कर रहा था। परिजनों के मुताबिक अनामिका की शादी के बाद सौमिल्य के लिए भी रिश्ता देखने की योजना थी, लेकिन एक हादसे ने दोनों परिवारों के सारे सपने तोड़ दिए।

पोस्टमार्टम हाउस में गूंजती रहीं चीखें

सोमवार रात से मंगलवार तड़के तक पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चलती रही। इस दौरान कभी कुछ पल के लिए सन्नाटा छा जाता तो अचानक किसी परिजन की चीख माहौल को फिर से गमगीन बना देती। अपने बच्चों और परिजनों को खो चुके परिवारों का दर्द वहां मौजूद हर व्यक्ति महसूस कर रहा था।

जांच रिपोर्ट का इंतजार

लखनऊ अग्निकांड ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर आग कैसे लगी, क्या सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त थे और क्या इस हादसे को रोका जा सकता था? इन सभी सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद सामने आएंगे। फिलहाल पूरा प्रदेश उन परिवारों के दुख में शामिल है जिन्होंने इस दर्दनाक हादसे में अपने प्रियजनों को खो दिया।

Location :  Lucknow

Published :  24 June 2026, 4:16 PM IST