मैनपुरी के ग्राम औंछा पड़रिया में ग्राम सभा की सार्वजनिक भूमि पर भूमाफियाओं द्वारा अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि ऊसर बंजर जमीन की प्लॉटिंग कर 20 से ज्यादा लोगों को बेच दिया गया। मुख्यमंत्री पोर्टल तक शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

सोरम सिंह चौहान
Mainpuri: मैनपुरी जिले में एक बार फिर सरकारी जमीन पर खुलेआम कब्जे और सिस्टम की चुप्पी का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम सभा की सार्वजनिक भूमि पर भूमाफियाओं की नजर इस कदर हावी हो चुकी है कि ऊसर-बंजर जमीन को प्लॉटिंग कर बेच दिया गया। प्रशासन सिर्फ कागजों में कार्रवाई करता नजर आ रहा है। शिकायतों के बावजूद न तो कब्जे हटे और न ही जिम्मेदारों पर कोई शिकंजा कसा गया।
यह मामला मैनपुरी जनपद के एक थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम औंछा पड़रिया का है। गांव निवासी सोरम सिंह चौहान ने जिलाधिकारी मैनपुरी को शिकायती पत्र देकर ग्राम सभा की जमीन को कब्जा मुक्त कराए जाने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने बताया कि गांव की सार्वजनिक भूमि, जो राजस्व रिकॉर्ड में ऊसर बंजर श्रेणी में दर्ज है। उस पर बाहरी लोगों द्वारा खुलेआम अवैध कब्जा किया जा रहा है। आरोप है कि भूमाफियाओं ने इस जमीन की प्लॉटिंग कर दी और 20 से अधिक लोगों को बेच भी दिया।
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शिकायत में गाटा संख्या 1218 का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। जिसका रकबा करीब 0.81 हेक्टेयर बताया गया है। आरोप है कि इस जमीन को नियमों को ताक पर रखकर निजी संपत्ति की तरह बेच दिया गया। इस पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल से लेकर राजस्व परिषद लखनऊ तक की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
शिकायतकर्ता ने चकबंदी अधिकारियों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि जांच के नाम पर गलत रिपोर्ट लगाकर शिकायतों का निस्तारण कर दिया जाता है। गाटा संख्या 1151 और 1186 में भी ऊसर भूमि पर कब्जे की पुष्टि जांच रिपोर्ट में हुई थी। इसके बावजूद अवैध कब्जेदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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मामला यहीं खत्म नहीं होता। गाटा संख्या 1120, जो करीब 9.14 एकड़ ऊसर भूमि के नाम दर्ज है। उसमें से केवल 5.75 एकड़ में ही गौशाला दर्ज है। शेष भूमि पर बाहरी लोगों द्वारा कब्जा किए जाने का आरोप है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ग्राम सभा की पूरी जमीन धीरे-धीरे भूमाफियाओं के हाथों चली जाएगी।
पीड़ित ने जिलाधिकारी से मांग की है कि राजस्व विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं और गाटा संख्या 1120 सहित अन्य ग्राम सभा की जमीन को अवैध कब्जेदारों से मुक्त कराया जाए। साथ ही सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित किया जाए।