बकरा ईद से पहले कोल्हुई मंडी में बकरों के भाव तेज, खरीदारी में तेजी
महराजगंज के प्रसिद्ध कोल्हुई बकरा मंडी में बकरा ईद से पहले भारी भीड़ उमड़ी। शुक्रवार सुबह से ही खरीददार और विक्रेता बड़ी संख्या में मंडी पहुंचे। दूर-दूर से आए लोगों के कारण मंडी में रौनक बढ़ गई और बकरों की खरीद-फरोख्त तेज रही।
Kolhui (Maharajganj): कोल्हुई(महराजगंज) जिले के प्रसिद्ध कोल्हुई बकरा मंडी में शुक्रवार सुबह बकरा ईद को लेकर जबरदस्त खरीददारी रही। त्योहार से ठीक पहले बड़ी संख्या में लोग बकरों को बेचने और खरीदने के लिए मंडी पहुंचे।
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सुबह से ही मंडी में चहल-पहल शुरू हो गई और दूर-दूर से आए खरीदारों एवं विक्रेताओं की आवाजें गूंजने लगीं।
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कोल्हुई बकरा मंडी वर्षों से चली आ रही एक लोकप्रिय परंपरा है। यहां केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि नेपाल सहित सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, संकबीरनगर, बस्ती और आसपास के कई जिलों से लोग बकरा खरीदने-बेचने आते हैं। इस मंडी की खासियत यह है कि यहां हर उम्र और नस्ल के बकरों की भरमार रहती है, जिससे खरीदारों को अपनी पसंद और बजट के अनुसार बकरा चुनने का अच्छा अवसर मिलता है।
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शुक्रवार को मंडी में बकरों की कीमतें 7 हजार रुपये से शुरू होकर 50 हजार रुपये तक रही। अच्छी नस्ल, स्वस्थ शरीर और आकर्षक दिखने वाले बकरों की डिमांड सबसे ज्यादा थी। विक्रेता अच्छे दाम वसूलने में सफल रहे, जबकि खरीदार भी अपनी जरूरत के अनुसार पशु खरीदकर संतुष्ट नजर आए।
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बकरा ईद के त्योहार को देखते हुए इस बार मंडी में पिछले वर्षों की तुलना में ज्यादा भीड़ देखने को मिली। कोल्हुई बकरा मंडी स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करती है और किसानों व पशुपालकों के लिए अच्छी आमदनी का साधन साबित होती है।
Kolhui (Maharajganj): कोल्हुई(महराजगंज) जिले के प्रसिद्ध कोल्हुई बकरा मंडी में शुक्रवार सुबह बकरा ईद को लेकर जबरदस्त खरीददारी रही। त्योहार से ठीक पहले बड़ी संख्या में लोग बकरों को बेचने और खरीदने के लिए मंडी पहुंचे।
सुबह से ही मंडी में चहल-पहल शुरू हो गई और दूर-दूर से आए खरीदारों एवं विक्रेताओं की आवाजें गूंजने लगीं।
कोल्हुई बकरा मंडी वर्षों से चली आ रही एक लोकप्रिय परंपरा है। यहां केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि नेपाल सहित सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, संकबीरनगर, बस्ती और आसपास के कई जिलों से लोग बकरा खरीदने-बेचने आते हैं। इस मंडी की खासियत यह है कि यहां हर उम्र और नस्ल के बकरों की भरमार रहती है, जिससे खरीदारों को अपनी पसंद और बजट के अनुसार बकरा चुनने का अच्छा अवसर मिलता है।
शुक्रवार को मंडी में बकरों की कीमतें 7 हजार रुपये से शुरू होकर 50 हजार रुपये तक रही। अच्छी नस्ल, स्वस्थ शरीर और आकर्षक दिखने वाले बकरों की डिमांड सबसे ज्यादा थी। विक्रेता अच्छे दाम वसूलने में सफल रहे, जबकि खरीदार भी अपनी जरूरत के अनुसार पशु खरीदकर संतुष्ट नजर आए।
बकरा ईद के त्योहार को देखते हुए इस बार मंडी में पिछले वर्षों की तुलना में ज्यादा भीड़ देखने को मिली। कोल्हुई बकरा मंडी स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करती है और किसानों व पशुपालकों के लिए अच्छी आमदनी का साधन साबित होती है।