कौशाम्बी के मूरतगंज ब्लॉक में डीएम डॉ अमित पाल ने बीडीओ कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। शिकायत पंजिकाओं में मोबाइल नंबर न होने पर नाराजगी जताई और मौके पर जाकर शिकायत निस्तारण, एनआरएलएम लक्ष्य पूर्ति, मनरेगा प्रचार व तालाब सौन्दर्यीकरण के निर्देश दिए।

मूरतगंज में डीएम डॉ अमित पाल का अचानक दौरा
Kaushambi: कौशाम्बी जनपद के जिलाधिकारी डॉ अमित पाल ने मंगलवार को विकास खण्ड मूरतगंज स्थित खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यालय की कार्यप्रणाली, अभिलेखों के रख-रखाव और जनसुनवाई व्यवस्था का गहन अवलोकन किया। इस दौरान कई खामियां सामने आने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तहसील दिवस पंजिका, आईजीआरएस पंजिका एवं जनसुनवाई पंजिका का अवलोकन किया। उन्होंने पाया कि कई शिकायतों में शिकायतकर्ताओं के मोबाइल नंबर अंकित नहीं थे। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने खण्ड विकास अधिकारी गिरिजेश प्रसाद को निर्देश दिए कि भविष्य में प्रत्येक शिकायत के साथ शिकायतकर्ता का मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए। इससे शिकायतों के निस्तारण की प्रभावी निगरानी संभव हो सकेगी।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि केवल कागजी खानापूर्ति न की जाए, बल्कि शिकायतों का निस्तारण मौके पर जाकर किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायत निस्तारण में पारदर्शिता और संवेदनशीलता आवश्यक है, ताकि आम जनता को समयबद्ध और संतोषजनक समाधान मिल सके।
शिकायत निस्तारण में लापरवाही पर सख्त रुख
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों के गठन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बीएमएम से लक्ष्य के सापेक्ष समूहों के गठन की जानकारी प्राप्त की और निर्देश दिए कि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार समूहों का गठन किया जाए। साथ ही स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान देने को कहा।
जिलाधिकारी ने एपीओ से मनरेगा के अंतर्गत संचालित कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि "विकसित भारत- रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) वीबी-जी राम जी अधिनियम- 2025" के बारे में ग्रामीणों को जागरूक किया जाए। इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
जिलाधिकारी ने मौके पर समाधान के दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी, भरवारी से फोन पर बात की। उन्होंने नगर क्षेत्र में स्थित पक्का तालाब के सौन्दर्यीकरण हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि तालाब के सौन्दर्यीकरण से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि नगर की सुंदरता भी बढ़ेगी।
अंत में जिलाधिकारी ने कार्यालय की साफ-सफाई, अभिलेखों के रख-रखाव और समय से उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में कार्यसंस्कृति में सुधार लाकर ही शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकता है। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।