
प्रतीकात्मक छवि (Img- Pinterest)
Kanpur: सपनों के टूटने और शारीरिक पीड़ा की एक ऐसी दर्दनाक दास्तां सामने आई है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। रावतपुर थाना क्षेत्र के सुरेंद्र नगर में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी है, जहां 26 वर्षीय वैष्णवी तिवारी उर्फ निक्की ने बीमारी से तंग आकर मौत को गले लगा लिया। दिल्ली पुलिस में चयन का सपना संजोने वाली निक्की का शव जब उसके पति को मिला, तो पूरे परिवार में कोहराम मच गया। उसने जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
निक्की की मौत के बाद पुलिस को मौके से तीन पन्नों का एक भावुक सुसाइड नोट मिला है। इस 'मौत-नामे' के हर एक शब्द में असहनीय दर्द और बेबसी साफ झलक रही थी। सुसाइड नोट में निक्की ने लिखा कि उसका भी सपना था कि वह एक सामान्य और खुशहाल जीवन जिए, देश की सेवा करे, लेकिन उसकी रीढ़ की हड्डी में हुई गंभीर गांठ ने उसके सारे अरमानों को आंसुओं में बदल दिया। रीढ़ की हड्डी के असहनीय दर्द और जकड़न ने उसे इस कठोर कदम को उठाने के लिए मजबूर कर दिया।
निक्की ने सुसाइड नोट में लिखा, "अब मैं और नहीं लड़ सकती।" उसने लिखा कि वह किसी पर बोझ बनकर नहीं जीना चाहती थी। चौंकाने वाली बात यह है कि इस भयानक दर्द और शारीरिक जकड़न के बावजूद वह हमेशा अपने चेहरे पर मुस्कान बनाए रखती थी, ताकि उसका परिवार उसे देखकर परेशान न हो। तीन पन्नों के इस खत में कहीं पति से माफी मांगी गई थी, कहीं बूढ़े मां-बाप की चिंता थी, तो कहीं भाई की शादी की फिक्र। जिसने भी इस खत को पढ़ा, उसकी रूह कांप गई।
वैष्णवी उर्फ निक्की एक होनहार युवती थी, जो खाकी वर्दी पहनकर दिल्ली पुलिस में भर्ती होना चाहती थी। वह लगातार इसके लिए प्रयास भी कर रही थी, लेकिन रीढ़ की हड्डी की बीमारी उसके जीवन का सबसे बड़ा नासूर बन गई। बीमारी के कारण उठने वाले तीखे दर्द ने उसके हौसलों को तोड़ दिया। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन इस घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है।
Location : Kanpur
Published : 16 July 2026, 12:40 PM IST