
क्रॉप कटिंग से कैसे मिलेगा किसानों को फायदा? (Source: Dynamite News)
Hathras: उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में धान की पैदावार का सही आकलन करने के लिए जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने खेत में पहुंचकर क्रॉप कटिंग प्रयोग का निरीक्षण किया। मुरसान विकास खंड के दयालपुर गांव में निर्धारित क्षेत्र में धान की कटाई कराई गई, जिसमें कुल 14.780 किलोग्राम उपज दर्ज की गई। इस प्रक्रिया से फसल उत्पादन के वास्तविक आंकड़े जुटाने और किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद मिलेगी।
जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल दयालपुर गांव में किसान भगवान सिंह के खेत पर पहुंचे। उनकी मौजूदगी में निर्धारित मानकों के अनुसार धान की फसल की कटाई कराई गई। इसके बाद प्राप्त उपज का वजन कर उत्पादन का आकलन किया गया।
इस क्रॉप कटिंग प्रयोग में कुल 14.780 किलोग्राम धान की उपज प्राप्त हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि फसल की कटाई और उपज का आकलन निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाए, ताकि आंकड़ों में किसी तरह की त्रुटि न रहे।
जिलाधिकारी ने कहा कि क्रॉप कटिंग फसलों की वास्तविक उत्पादकता का वैज्ञानिक और विश्वसनीय आकलन करने का महत्वपूर्ण तरीका है। इससे किसी क्षेत्र में फसल की पैदावार का सही आंकड़ा जुटाने में मदद मिलती है।
इन आंकड़ों का उपयोग प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित संबंधित सरकारी योजनाओं के तहत पात्र किसानों को नियमानुसार लाभ दिलाने में किया जाता है। इसलिए क्रॉप कटिंग प्रयोग में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है।
डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रयोग निर्धारित मानकों के अनुसार कराए जाएं। साथ ही, आंकड़ों को दर्ज करते समय सावधानी बरती जाए, जिससे उत्पादन का आकलन सटीक और भरोसेमंद रहे।
अपर सांख्यिकी अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत हाथरस तहसील के दयालपुर गांव में धान की क्रॉप कटिंग का प्रयोग CCE Agri App के माध्यम से किया गया।
निर्धारित प्रक्रिया के तहत 10×10 मीटर के समबाहु त्रिभुजाकार क्षेत्र में धान की फसल काटकर प्राप्त उपज का आकलन किया गया। इस प्रक्रिया से फसल उत्पादन के आंकड़ों को व्यवस्थित तरीके से दर्ज करने में मदद मिलती है।
क्रॉप कटिंग प्रयोग के निरीक्षण के दौरान नायब तहसीलदार, अपर सांख्यिकी अधिकारी, राजस्व निरीक्षक, लेखपाल और फसल बीमा के जिला समन्वयक समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासन का जोर इस बात पर है कि फसल उत्पादन का आकलन वैज्ञानिक तरीके से किया जाए, ताकि किसानों से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में वास्तविक आंकड़ों का उपयोग किया जा सके।
Location : Hathras
Published : 22 October 2026, 2:17 PM IST