हाथरस में ई-रिक्शा चालकों की अब खैर नहीं! एसपी ने उठाया सख्त कदम, तय हुए रूट और नंबर

हाथरस शहर में बढ़ते ई-रिक्शा के कारण लगने वाले जाम और यातायात की समस्या को कम करने के लिए पुलिस ने नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। ई-रिक्शा संचालन को व्यवस्थित करने के लिए पुलिस ने मास्टर प्लान तैयार किया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 10 September 2026, 3:45 PM IST

Hathras: उत्तर प्रदेश के हाथरस शहर में बढ़ते ई-रिक्शा के कारण लगने वाले जाम और यातायात की समस्या को कम करने के लिए पुलिस ने नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। ई-रिक्शा संचालन को व्यवस्थित करने के लिए पुलिस ने मास्टर प्लान तैयार किया है। इसके तहत शहर में ई-रिक्शा के लिए अलग-अलग रूट निर्धारित किए गए हैं। साथ ही ई-रिक्शा का सत्यापन कर थाना क्षेत्र के अनुसार उन्हें नंबर भी आवंटित किए गए हैं।

एसपी ने तालाब चौराहे से शुरू किया अभियान

ई-रिक्शा संचालन को व्यवस्थित करने के लिए शुरू किए गए अभियान का शुभारंभ एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने तालाब चौराहे से किया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने ई-रिक्शा चालकों और वाहनों से जुड़ी जानकारी जुटाई।

अभियान के दौरान एएसपी, सीओ ट्रैफिक, सीओ सिटी और कोतवाली प्रभारी समेत अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मौके पर ई-रिक्शा चालकों को नई व्यवस्था के बारे में जानकारी दी और निर्धारित नियमों का पालन करने के निर्देश दिए।

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शहर में तय किए गए ई-रिक्शा के रूट

पुलिस ने शहर में ई-रिक्शा की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए रूट प्लान तैयार किया है। इसके तहत ई-रिक्शा को निर्धारित मार्गों पर ही संचालित करने की व्यवस्था की जाएगी। इसका उद्देश्य शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों पर लगने वाले जाम को कम करना है।

अक्सर भीड़भाड़ वाले इलाकों में बड़ी संख्या में ई-रिक्शा एक साथ खड़े होने या चलने से यातायात प्रभावित होता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ई-रिक्शा को तय रूट पर चलाने से यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

सत्यापन के बाद दिए गए नंबर

पुलिस की ओर से ई-रिक्शा का सत्यापन भी कराया गया है। सत्यापन के बाद थाना क्षेत्र के हिसाब से ई-रिक्शा को अलग-अलग नंबर आवंटित किए गए हैं। इस व्यवस्था से पुलिस के लिए किसी भी ई-रिक्शा और उसके चालक की पहचान करना आसान होगा।

आवंटित नंबर ई-रिक्शा की पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। किसी घटना या शिकायत की स्थिति में पुलिस नंबर के आधार पर संबंधित वाहन और चालक तक आसानी से पहुंच सकेगी।

आकस्मिक स्थिति में पुलिस को मिलेगी मदद

नई व्यवस्था का एक बड़ा फायदा यह होगा कि किसी भी आकस्मिक स्थिति में पुलिस ई-रिक्शा और चालक की पहचान जल्दी कर सकेगी। यदि किसी ई-रिक्शा से जुड़ी कोई शिकायत सामने आती है या किसी घटना में उसका इस्तेमाल होता है, तो आवंटित नंबर के जरिए उसकी जानकारी जुटाने में आसानी होगी। पुलिस का मानना है कि इस व्यवस्था से ई-रिक्शा चालकों की जिम्मेदारी भी तय होगी और यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

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जाम से राहत मिलने की उम्मीद

हाथरस शहर में ई-रिक्शा की संख्या बढ़ने के साथ ही कई प्रमुख इलाकों में यातायात दबाव भी बढ़ा है। खासकर व्यस्त बाजारों और चौराहों पर ई-रिक्शा के कारण कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। नए रूट प्लान और सत्यापन व्यवस्था के लागू होने के बाद शहरवासियों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। पुलिस अधिकारियों का जोर इस बात पर है कि ई-रिक्शा चालक निर्धारित रूट और नियमों का पालन करें।

पुलिस के इस अभियान से न केवल यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है, बल्कि ई-रिक्शा चालकों और उनके वाहनों की पहचान भी पहले के मुकाबले आसान होगी। इससे शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में भी मदद मिल सकती है।

Location :  Hathras

Published :  10 September 2026, 3:45 PM IST