वरिष्ठ अधिवक्ता एवं बार एसोसिएशन खजनी तहसील के अध्यक्ष सत्यप्रकाश श्रीवास्तव (Img: Dynamite News)
Gorakhpur: उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से आमजन को त्वरित और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार ऑनलाइन व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। ई-डिस्ट्रिक्ट समेत विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए प्रमाणपत्र, आवेदन और शिकायतों जैसी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है
इसी ऑनलाइन व्यवस्था की जमीनी हकीकत और आम जनता पर पड़ने वाले इसके प्रभाव को लेकर डाइनामाइट न्यूज़ के बैनर तले वरिष्ठ अधिवक्ता एवं बार एसोसिएशन खजनी तहसील के अध्यक्ष सत्यप्रकाश श्रीवास्तव ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन व्यवस्था का उद्देश्य निश्चित रूप से आम नागरिक को सहूलियत देना और सरकारी दफ्तरों के चक्कर कम करना है, लेकिन इसकी वास्तविक सफलता का आकलन कागजों और पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों से नहीं, बल्कि धरातल पर आम आदमी को मिल रही सुविधा से होना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि सरकार ने नागरिक सेवाओं को ऑनलाइन करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। ई-डिस्ट्रिक्ट के माध्यम से विभिन्न विभागों की सेवाएं जनसेवा केंद्रों और इंटरनेट के जरिए उपलब्ध कराई जा रही हैं। लेकिन सवाल यह है कि गांव, कस्बे और तहसील स्तर पर जरूरतमंद व्यक्ति को वास्तव में कितनी आसानी से इसका लाभ मिल रहा है।
सत्यप्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि ऑनलाइन आवेदन के बाद अगर व्यक्ति को बार-बार दस्तावेज लेकर संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ें, तकनीकी समस्या के कारण आवेदन अटक जाए या समाधान के लिए फिर वही पुरानी प्रक्रिया अपनानी पड़े, तो व्यवस्था के उद्देश्य पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
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डिजिटल व्यवस्था तभी कारगर मानी जाएगी, जब इसका लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक बिना अनावश्यक परेशानी और अतिरिक्त खर्च के पहुंचे। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन व्यवस्था के लाभ भी हैं और चुनौतियां भी। इससे पारदर्शिता, आवेदन की निगरानी और रिकॉर्ड सुरक्षित रखने में मदद मिलती है, लेकिन तकनीकी जानकारी का अभाव, इंटरनेट की समस्या और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सुविधा की कमी आम नागरिक के लिए बाधा बन सकती है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकारी ऑनलाइन व्यवस्था की असली परीक्षा पोर्टल पर नहीं, बल्कि जनता के अनुभव में होती है। आम आदमी अब यह समझ चुका है कि डिजिटल व्यवस्था कितनी प्रभावी है और कहां उसे अभी सुधार की जरूरत है। जरूरत है कि शासन और प्रशासन ऑनलाइन सेवाओं की जमीनी समीक्षा कर कमियों को दूर करें, ताकि डिजिटल व्यवस्था वास्तव में ‘जनता के द्वार तक सरकार’ की अवधारणा को साकार कर सके।
Location : Gorakhpur
Published : 22 August 2026, 3:13 PM IST