खजनी तहसील में गुरुवार को उस समय माहौल गर्मा गया जब 3 तारीख की पत्रावली को 5 जनवरी की सुनवाई पर लगाए जाने से अधिवक्ता भड़क उठे। अधिवक्ताओं ने इसे न्यायिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ बताते हुए तहसील परिसर में जोरदार नारेबाजी की और तहसीलदार न्यायालय का बहिष्कार कर दिया।

खजनी तहसील
Gorakhpur: खजनी तहसील में गुरुवार को उस समय माहौल गर्मा गया जब 3 तारीख की पत्रावली को 5 जनवरी की सुनवाई पर लगाए जाने से अधिवक्ता भड़क उठे। अधिवक्ताओं ने इसे न्यायिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ बताते हुए तहसील परिसर में जोरदार नारेबाजी की और तहसीलदार न्यायालय का बहिष्कार कर दिया।
अधिवक्ताओं का कहना था कि तहसीलदार द्वारा लगातार पत्रावलियों की तिथियों में मनमाना बदलाव किया जा रहा है, जिससे वादकारियों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे को लेकर अधिवक्ता लंबे समय से नाराज थे, लेकिन गुरुवार को उनका आक्रोश खुलकर सामने आ गया।
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ता अनूप सिंह, सत्यप्रकाश श्रीवास्तव, कम्पेश पांडेय, वरिष्ठ अधिवक्ता महेश दुबे, विनोद पांडेय सहित अन्य अधिवक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि जिस तिथि की पत्रावली हो, उसी दिन उसकी सुनवाई अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि तिथियों में हेरफेर से न केवल अधिवक्ताओं बल्कि आम वादकारियों का भी भरोसा न्याय व्यवस्था से उठ रहा है।
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। तहसील परिसर में हुए इस हंगामे से प्रशासनिक कार्य भी प्रभावित रहा।