
10 वर्ष के कठोर कारावास
गोरखपुर: दुष्कर्म करने और उसका वीडियो वायरल करने के मामले में गोरखपुर की अदालत ने दोषी को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। झंगहा थाने में वर्ष 2023 में दर्ज इस मामले में प्रभावी पैरवी और सतत मॉनिटरिंग के बाद न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए यह फैसला सुनाया। पुलिस की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत इसे न्यायिक कार्रवाई की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, देवरिया जिले के रुद्रपुर थाना क्षेत्र के भृगुसारी निवासी ओम प्रकाश निषाद पुत्र गुलाब निषाद के खिलाफ झंगहा थाने में मुकदमा अपराध संख्या 365/2023 दर्ज किया गया था। अभियुक्त पर दुष्कर्म, घर में घुसने, धमकी देने और वीडियो वायरल करने से संबंधित आरोप थे। मामले में भारतीय दंड विधान की धारा 376(2)(n), 452 और 506 तथा आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था।
इस प्रकरण में पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देशन में प्रभावी पैरवी की गई। थाना झंगहा के पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल ने मुकदमे की सुनवाई के दौरान लगातार निगरानी बनाए रखी और न्यायालय में अभियोजन पक्ष की पैरवी को प्रभावी बनाने में भूमिका निभाई। इसी प्रक्रिया के तहत न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर अभियुक्त को दोषी पाया।
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश (एएसजे)/यूपीएसईबी, जनपद गोरखपुर की अदालत में हुई। अदालत ने दोषसिद्धि के बाद ओम प्रकाश निषाद को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 50,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) रमेशचंद्र पांडेय, रविंद्र कुमार सिंह, श्रद्धानंद पांडेय और शरदेन्दु प्रताप नारायण सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन कनविक्शन अभियान का उद्देश्य आपराधिक मामलों में प्रभावी पैरवी कर दोषियों को न्यायालय से सजा दिलाना है। गोरखपुर पुलिस ने इस फैसले को अभियान के तहत की गई प्रभावी पैरवी का परिणाम बताया है।
Location : गोरखपुर
Published : 23 October 2026, 7:10 PM IST