गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे: टोल कर्मचारियों ने यूपीडा से लगाई गुहार, प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप

गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के टोल प्लाजा पर कार्यरत कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई है। कर्मचारियों का आरोप है कि दो बार शांतिपूर्ण धरना देने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 1 July 2026, 2:30 PM IST

Gorakhpur: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के टोल प्लाजा पर कार्यरत कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच विवाद गहराता जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। दो बार शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने के बाद भी समाधान न मिलने से नाराज कर्मचारियों ने अब आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। इस संबंध में कर्मचारियों ने उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को ज्ञापन भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है।

वादे पूरे न होने का आरोप

कर्मचारियों का आरोप है कि दोनों बार धरना-प्रदर्शन के दौरान प्रोजेक्ट मैनेजर प्रदीप पाठक ने उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया था। लेकिन अब तक किसी भी मांग पर अमल नहीं हुआ। उनका कहना है कि केवल आश्वासन देकर मामले को टाल दिया गया, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

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इन मांगों को लेकर जताई नाराजगी

ज्ञापन में कर्मचारियों ने समय पर वेतन भुगतान, महंगाई के अनुसार वेतन वृद्धि और 12 घंटे की ड्यूटी के स्थान पर 8 घंटे की नियमित कार्य अवधि लागू करने की मांग की है। साथ ही अतिरिक्त समय तक काम लेने पर नियमानुसार ओवरटाइम का भुगतान किए जाने की भी मांग उठाई गई है। इसके अलावा कर्मचारियों ने ईएसआई, PF, दुर्घटना एवं जीवन बीमा, कार्यस्थल पर सुरक्षा उपकरण, दुर्घटना होने पर तत्काल उपचार और उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग भी रखी है।

मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग

कर्मचारियों ने साप्ताहिक अवकाश, राष्ट्रीय अवकाश, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, विश्राम स्थल और प्राथमिक उपचार जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि बिना उचित कारण किसी कर्मचारी की सेवा समाप्त न की जाए। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। उनका उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं, बल्कि श्रम कानूनों के तहत मिलने वाले अधिकार और सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां सुनिश्चित कराना है।

प्रबंधन ने आरोपों को किया खारिज

वहीं, प्रोजेक्ट मैनेजर प्रदीप पाठक ने कर्मचारियों के आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि सभी कर्मचारियों और सुपरवाइजरों को समय पर पूरा वेतन दिया जा रहा है और भोजन की व्यवस्था भी उपलब्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानीय सुपरवाइजर कंपनी के काम में बाधा डाल रहे हैं और कर्मचारियों को गुमराह कर संगठन में मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे लोगों की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की।

सहायक प्रबंधक ने दी यह जानकारी

खजनी टोल के असिस्टेंट मैनेजर शिवम तिवारी ने बताया कि कर्मचारियों द्वारा दिए गए ज्ञापन और धरना-प्रदर्शन की जानकारी फिलहाल उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी मिलने पर आवश्यक स्तर पर विचार किया जाएगा। कर्मचारियों ने साफ कहा है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को और व्यापक रूप देंगे। उन्होंने इसके लिए संबंधित प्रबंधन और अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है।

Location :  Gorakhpur

Published :  1 July 2026, 2:30 PM IST