
हस्ताक्षर अभियान से हक की लड़ाई (Img: Dynamite News)
Gorakhpur : रामगढ़ताल स्थित नौका विहार क्षेत्र में वर्षों से ठेला, खोमचा, रेडी और छोटे स्टॉल लगाकर परिवार का भरण-पोषण करने वाली महिलाओं और दुकानदारों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। दर्जनों महिलाओं और छोटे व्यापारियों ने गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) कार्यालय पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात की और अपने रोजगार को बचाने की गुहार लगाई।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने भावुक होकर अपनी पीड़ा सुनाई। एक महिला ने आरोप लगाया कि नौका विहार परियोजना के लिए उनकी जमीन यह कहकर ली गई थी कि परिवार के लोगों को रोजगार और सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन आज उन्हें वहीं दुकान लगाने से रोका जा रहा है। महिलाओं का कहना था कि दुकानें बंद होने से उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और बच्चों की पढ़ाई से लेकर घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।
दुकानदारों ने जीडीए अधिकारियों को एक हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना पत्र भी सौंपा। इसमें बताया गया कि 20 से 30 छोटे दुकानदार कई सालों से नौका विहार क्षेत्र में छोटे स्टॉल लगाकर जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 5 जून 2026 को हुई बैठक में अधिकारियों ने एक सप्ताह के भीतर समाधान का आश्वासन दिया था। इसी भरोसे में पिछले तीन दिनों से प्राधिकरण की कार्रवाई के दौरान सभी दुकानदारों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखीं।
प्रार्थना पत्र में दुकानदारों ने नौका विहार की स्वच्छता, सुंदरता और सुरक्षा संबंधी सभी नियमों का पालन करने का भरोसा दिया है। साथ ही उन्होंने प्राधिकरण द्वारा निर्धारित दैनिक अथवा मासिक शुल्क जमा करने की भी सहमति जताई है। उनकी मांग है कि सभी छोटे व्यापारियों का पंजीकरण कर उन्हें नौका विहार के भीतर व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराया जाए अथवा भविष्य में प्रस्तावित वेंडिंग जोन में जगह आवंटित की जाए।
Firing in Gorakhpur: पारिवारिक विवाद में खूनी जंग, भाई ने भाई को मारी गोली, गोरखपुर में हड़ंकप
वहीं जीडीए अधिकारियों का कहना है कि नौका विहार प्रदेश की महत्वपूर्ण पर्यटन परियोजनाओं में शामिल है। सुरक्षा व्यवस्था, यातायात और स्वच्छता बनाए रखना प्राधिकरण की जिम्मेदारी है, इसलिए सड़क किनारे और प्रतिबंधित क्षेत्रों में दुकान लगाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। अधिकारियों के अनुसार दुकानदारों को चिन्हित स्थानों पर व्यवस्थित रूप से व्यापार करने का विकल्प दिया जा रहा है।
फिलहाल करोड़ों रुपये की लागत से विकसित नौका विहार की व्यवस्था और गरीबों की रोजी-रोटी के बीच संतुलन बनाने की चुनौती प्रशासन के सामने खड़ी हो गई है। अब सभी की निगाहें जीडीए के अगले फैसले पर टिकी हैं।
Location : gorakhpur
Published : 12 June 2026, 2:41 PM IST