
वनखंडेश्वर महादेव मंदिर में मिला खजाना (Img: Google)
Firozabad: फिरोजाबाद जिले के कोटला क्षेत्र स्थित वनखंडेश्वर महादेव मंदिर में खुदाई के दौरान मिला प्राचीन खजाना अब रहस्यमय तरीके से गायब हो गया है। यहां लगभग 2000 साल पुराने 35 किलो तांबे के सिक्के मिले थे, जिन्हें कुषाण काल का बताया जा रहा था। यह मामला अब प्रशासनिक लापरवाही और जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार, पिछले वर्ष 18 मई को मंदिर परिसर में खुदाई के दौरान दो मिट्टी के मटके मिले थे। शुरुआत में मजदूरों को लगा कि इसमें सोने के सिक्के हो सकते हैं, लेकिन साफ करने पर पता चला कि ये प्राचीन तांबे के सिक्के हैं। ग्रामीणों ने दोनों मटकों को मंदिर में सुरक्षित रख दिया था, जिनमें कुल मिलाकर लगभग 44 किलो सिक्के बताए गए थे।
सूचना मिलने पर राज्य पुरातत्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच की। शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया कि सिक्के कुषाण काल के हैं और ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, जांच के दौरान ही खजाने को लेकर प्रक्रिया में अनियमितताएं सामने आने लगीं।
रिपोर्ट के अनुसार, जब पुरातत्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची तो केवल 35 किलो सिक्के ही मिले। बाकी करीब 9 किलो सिक्कों के गायब होने की बात सामने आई। इसके बाद मामला और गंभीर हो गया और जांच की मांग उठने लगी।
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पुरातत्व विभाग ने दावा किया कि सभी सिक्के लखनऊ स्थित म्यूजियम भेज दिए गए हैं। लेकिन लखनऊ म्यूजियम प्रशासन ने स्पष्ट रूप से ऐसे किसी भी खजाने की प्राप्ति से इनकार कर दिया। इस विरोधाभास ने पूरे मामले को और रहस्यमय बना दिया है।
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जब पुलिस ने रिपोर्ट तलब की तो पुरातत्व विभाग की ओर से अस्पष्ट जवाब दिए गए। बताया जा रहा है कि खजाने की सुरक्षा और हस्तांतरण प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही हुई है। अब इस मामले की जांच और तेज कर दी गई है।
Location : Firozabad, Uttar Pradesh
Published : 13 June 2026, 4:40 PM IST
Topics : Ancient Coins Archaeological Department Firozabad treasure Lucknow Museum Van Khandeshwar Mahadev Temple