मुजफ्फरनगर के चरथावल कस्बे में इंडियन गैस एजेंसी के खिलाफ किसान भड़क गए हैं। भारतीय किसान यूनियन ने गैस वितरण में अनियमितता और कालाबाजारी के आरोपों को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। फिलहाल धरना स्थल पर एजेंसी के किसी भी अधिकारी से कोई बातचीत नहीं हो पाई है।

गैस एजेंसी के खिलाफ धरना प्रदर्शन
Muzaffarnagar: चरथावल कस्बे में मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। किसानों का आरोप है कि इंडियन गैस एजेंसी के द्वारा क्षेत्र में गैस सिलेंडर की आपूर्ति में अनियमितता बरती जा रही है और सिलेंडरों की कथित कालाबाजारी हो रही है। किसान नेता ब्लॉक अध्यक्ष संजय त्यागी के नेतृत्व में एजेंसी के बाहर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
किसान नेताओं ने बताया कि इलाके में पर्याप्त गैस सिलेंडर उपलब्ध होने के बावजूद आम उपभोक्ताओं तक समय पर गैस नहीं पहुंच रही। उनका आरोप है कि एजेंसी द्वारा कृत्रिम कमी दिखाकर सिलेंडरों को ब्लैक मार्केट में बेचा जा रहा है। इसका सबसे बड़ा असर आम जनता पर पड़ रहा है। जिन्हें गैस लेने के लिए घंटों लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ता है लेकिन सिलेंडर फिर भी नहीं मिल पाता।
धरने में शामिल किसानों ने केवाईसी प्रक्रिया में लापरवाही का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि एजेंसी जानबूझकर उपभोक्ताओं की केवाईसी पूरी नहीं कर रही, जबकि संबंधित साइट खुले हुए हैं। केवाईसी न होने के कारण लोग समय पर सिलेंडर बुक नहीं कर पा रहे और रात तक इंतजार करना पड़ता है। किसान नेताओं का कहना है कि यह स्थिति न केवल परेशान कर रही है, बल्कि आम जनता के लिए गंभीर समस्या भी बन गई है।
फिलहाल धरना स्थल पर एजेंसी के किसी भी अधिकारी से कोई बातचीत नहीं हो पाई है। किसान नेताओं ने साफ कर दिया है कि जब तक गैस वितरण की व्यवस्था पारदर्शी नहीं होती और उपभोक्ताओं की समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। उनका मानना है कि अगर समय पर कदम नहीं उठाए गए तो प्रदर्शन और तेज हो सकता है।
धरने के दौरान स्थानीय लोग भी अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। उनका कहना है कि गैस सिलेंडर के लिए रोज़ाना लंबी लाइनें लगाना और फिर भी खाली हाथ लौटना आम बात बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि एजेंसी की इस लापरवाही ने उनके दैनिक जीवन को प्रभावित कर दिया है।