
पहलगाम आतंकी हमला (स्रोत: इंटरनेट)
एटा: उत्तर प्रदेश के एटा जिले के रहने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) अरविंद अग्रवाल इन दिनों अपने परिवार के साथ कश्मीर की वादियों में घूमने गए थे। लेकिन थोड़ी सी देरी ने उनके पूरे परिवार को एक बड़े हादसे से बचा लिया। डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक 17 अप्रैल को जब वे गुलमर्ग से पहलगाम के लिए निकले थे तो उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि कुछ ही पलों में वे एक गंभीर आतंकी हमले के बेहद करीब पहुंचने वाले हैं।
नाश्ते में देरी बनी रक्षक
सीए अरविंद अग्रवाल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनका परिवार उस दिन सुबह गुलमर्ग से निकलने की तैयारी कर रहा था, लेकिन नाश्ते में कुछ देरी हो गई। इस वजह से उनके जाने का समय थोड़ा आगे बढ़ गया। कुछ मिनटों की यह देरी उनकी और उनके परिवार की जान बचाने का कारण बनी।
अचनाक आया फोन और बच गई जान
जैसे ही वे पहलगाम के पास पहुंचे, उनके टैक्सी चालक ने अचानक गाड़ी रोक दी। चालक को किसी से फोन पर सूचना मिली थी कि पहलगाम में आतंकी हमला हुआ है और वहां गोलीबारी हो रही है। चालक ने अरविंद को बताया कि पर्यटकों के लिए आगे बढ़ना सुरक्षित नहीं है और प्रशासन ने फिलहाल आगे की आवाजाही पर रोक लगा दी है।
गाड़ी रोकने के कुछ मिनट बाद सीए अरविंद और उनके परिवार ने देखा कि बड़ी संख्या में एंबुलेंस, पुलिस और सेना की गाड़ियां तेजी से उस दिशा में बढ़ रही थीं। यह दृश्य देखकर उन्हें संदेह हुआ कि स्थिति गंभीर है। उन्होंने तुरंत निर्णय लिया और अपने होटल लौटने का फैसला किया।
बाद में जब उन्होंने समाचार चैनलों और सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी जुटाई, तो उन्हें पता चला कि जिस इलाके में वे जा रहे थे, वहां कुछ देर पहले ही आतंकी हमला हुआ था। अगर उनकी गाड़ी समय पर पहुंच जाती, तो वे सीधे उस घटना की चपेट में आ सकते थे।
वीडियो जारी करते हुए दिया संदेश
सीए अरविंद अग्रवाल ने जम्मू-कश्मीर एयरपोर्ट से एक वीडियो संदेश जारी कर पूरी घटना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह संयोग ही रहा कि नाश्ते में थोड़ी देरी होने के कारण वे और उनका परिवार सुरक्षित रहा। उन्होंने जम्मू-कश्मीर प्रशासन और टैक्सी ड्राइवर को उनकी सतर्कता के लिए धन्यवाद दिया।
Location : Etah,UP
Published : 24 April 2025, 2:43 PM IST