एक आदेश और बदल सकता है लाखों घरों का बिजली बजट… जानिए क्या है पूरा मामला

एनपीसीएल के सरप्लस को 1500.63 करोड़ रुपये से घटाकर 593.81 करोड़ रुपये करने के फैसले के बाद बिजली दरों को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। उपभोक्ता परिषद ने आपत्ति दर्ज कराते हुए मुख्यमंत्री से ट्रिब्यूनल में जाने की मांग की है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 20 June 2026, 10:07 AM IST

Noida: नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए आने वाले दिनों में परेशानी बढ़ सकती है। नोएडा पॉवर कंपनी लिमिटेड यानी एनपीसीएल के सरप्लस को लेकर विद्युत नियामक आयोग के एक फैसले के बाद बिजली दरों में बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। नियामक आयोग की ओर से एनपीसीएल के वर्ष 2023-24 के लिए अनुमोदित करीब 1500.63 करोड़ रुपये के सरप्लस को घटाकर 593.81 करोड़ रुपये कर दिया गया है। फैसले के बाद राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इसका विरोध शुरू कर दिया है और आयोग में आपत्ति प्रस्ताव दाखिल किया है।

मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर ट्रिब्यूनल जाने की मांग

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मांग की है कि सरकार इस फैसले के खिलाफ तत्काल अपीलीय न्यायाधिकरण यानी ट्रिब्यूनल में मुकदमा दाखिल करे। उनका कहना है कि प्रदेश की बिजली कंपनियों के पास उपभोक्ताओं का करीब 51 हजार करोड़ रुपये का सरप्लस है। इसी वजह से पिछले कई वर्षों से बिजली दरों में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। परिषद का दावा है कि अगर एनपीसीएल के मामले में सरप्लस कम करने का फैसला बरकरार रहा तो अन्य बिजली कंपनियां भी अपने सरप्लस के दोबारा परीक्षण की मांग कर सकती हैं। इससे बिजली दरों में बढ़ोतरी का रास्ता खुल सकता है।

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नोएडा के ढाई लाख उपभोक्ताओं पर पड़ेगा असर

विद्युत नियामक आयोग के फैसले से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के करीब ढाई लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। एनपीसीएल उपभोक्ताओं को अब तक सरप्लस के आधार पर करीब 10 फीसदी की छूट मिलती रही है। लेकिन सरप्लस घटने के बाद यह छूट खत्म होने की आशंका बढ़ गई है। अगर ऐसा हुआ तो उपभोक्ताओं को पहले के मुकाबले ज्यादा बिजली बिल चुकाना पड़ सकता है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, वर्ष 2018-19 से 2025 तक के टैरिफ आदेशों को लेकर एनपीसीएल ने अपीलीय न्यायाधिकरण में चुनौती दी थी। एनपीसीएल की ओर से नियामक आयोग के कुछ पैरामीटरों पर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद न्यायाधिकरण ने मामले को दोबारा परीक्षण के लिए विद्युत नियामक आयोग के पास भेज दिया था। दोबारा जांच के बाद आयोग ने वर्ष 2023-24 के लिए पहले मंजूर किए गए करीब 1500.63 करोड़ रुपये के सरप्लस को घटाकर 593.81 करोड़ रुपये कर दिया।

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बिजली दरों को लेकर बढ़ी चिंता

फिलहाल यह मामला सिर्फ एनपीसीएल तक सीमित दिख रहा है, लेकिन इसके दूरगामी असर की चिंता जताई जा रही है। अगर सरप्लस की व्यवस्था बदली और छूट खत्म हुई तो नोएडा समेत प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली बिल बढ़ सकता है। अब सबकी नजर सरकार और ट्रिब्यूनल में होने वाली आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है। आने वाले समय में यह तय होगा कि उपभोक्ताओं को राहत मिलती है या बिजली खर्च का बोझ बढ़ता है।

Location :  Noida

Published :  20 June 2026, 9:44 AM IST