गोरखपुर के गोला में चुनावी रंजिश ने लिया खूनी रूप, 7 घायल

पुरानी चुनावी दुश्मनी ने एक बार फिर हिंसक रूप अख्तियार कर लिया। गोला थाना क्षेत्र के ग्राम सिगहा पुरसादेव के पुरसादेव चौराहे पर मंगलवार शाम को दो पक्षों के बीच भीषण मारपीट हो गई।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 6 May 2026, 5:09 PM IST

Gorakhpur : (गोला) पुरानी चुनावी दुश्मनी ने एक बार फिर हिंसक रूप अख्तियार कर लिया। गोला थाना क्षेत्र के ग्राम सिगहा पुरसादेव के पुरसादेव चौराहे पर मंगलवार शाम को दो पक्षों के बीच भीषण मारपीट हो गई। लाठी-डंडों से हुई इस झड़प में दोनों पक्षों के कुल सात लोग घायल हो गए, जिनमें एक युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है।

क्या है पूरी खबर?

प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव निवासी पन्नेलाल पुत्र रामस्वरूप किसी काम से घर से निकले थे। जैसे ही वे पुरसादेव चौराहे पर पहुंचे, उसी समय गांव के अरविंद, राजकुमार, छोटू, किशुन और इंदल वहां मौजूद थे। दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चली आ रही चुनावी रंजिश को लेकर तीखी कहासुनी शुरू हो गई। बात बढ़ते-बढ़ते इतनी बिगड़ गई कि दोनों गुट आमने-सामने आ गए।

विवाद मारपीट में बदला

कुछ ही पलों में विवाद मारपीट में बदल गया। दोनों पक्षों ने लाठियों और डंडों का सहारा लिया। पन्नेलाल के पक्ष से किशन पुत्र चंद्रिका बचाव के लिए पहुंचे तो वह भी हमले की चपेट में आ गए। इस खूनी संघर्ष में एक पक्ष के दो तथा दूसरे पक्ष के पांच लोग घायल हुए।

घायलों का मेडिको-लीगल परीक्षण भी कराया

सूचना मिलते ही गोला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गोला पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने छोटू पुत्र बैजनाथ की हालत गंभीर देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बाकी घायलों का मेडिको-लीगल परीक्षण भी कराया गया।

दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मुकदमा दर्ज

दोनों पक्षों ने गोला थाने में लिखित तहरीर दी है। कोतवाल गोला प्रहलाद सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।

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चुनावी प्रतिद्वंद्विता

घटना के बाद पूरे गांव में तनाव व्याप्त है। आशंका है कि पुरानी रंजिश फिर से भड़क सकती है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस ने गांव में निगरानी बढ़ा दी है और अतिरिक्त बल भी तैनात किया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनावी प्रतिद्वंद्विता लगातार गांव की शांति भंग कर रही है और प्रशासन को इस पर स्थायी समाधान ढूंढना चाहिए।

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यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी रंजिश कितनी खतरनाक हो सकती है, इसका ताजा उदाहरण है। पुलिस अब पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है ताकि दोबारा ऐसी हिंसा न हो सके।

Location :  गोरखपुर

Published :  6 May 2026, 5:07 PM IST