लाइसेंस कब मिलेगा साहब? 8 महीने से भटक रहे 18 हजार लोग, RTO से लेकर लखनऊ तक मामला अटका

ड्राइविंग लाइसेंस के इंतजार में हजारों लोग महीनों से परेशान हैं। आरटीओ कार्यालय के चक्कर काट रहे आवेदकों को हर बार नया जवाब मिल रहा है, लेकिन लाइसेंस अब तक नहीं मिला। आखिर ऐसा क्या हुआ कि पूरा सिस्टम धीमा पड़ गया?

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 19 May 2026, 1:50 PM IST

Aligarh: अलीगढ़ में हजारों लोग पिछले कई महीनों से ड्राइविंग लाइसेंस का इंतजार कर रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि लोग बार-बार आरटीओ कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ “प्रक्रिया जारी है” का जवाब मिल रहा है। सितंबर से नवंबर 2025 के बीच आवेदन करने वाले करीब 18 हजार लोगों के स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस अब तक जारी नहीं हो सके हैं।

आरटीओ कार्यालय पहुंचने वाले आवेदकों में नाराजगी साफ दिखाई दे रही है। लोगों का कहना है कि लाइसेंस न मिलने से नौकरी, वाहन खरीद और कई जरूरी काम अटक गए हैं।

“हर बार बस तारीख मिलती है”

एक आवेदक ने बताया कि कई बार आरटीओ कार्यालय आने के बावजूद अभी तक लाइसेंस नहीं मिला है। ऑनलाइन स्टेटस में सिर्फ “लंबित” या “प्रोसेस में” दिखाया जा रहा है। हर बार अधिकारियों से सिर्फ यही जवाब मिलता है कि “जल्द आ जाएगा”, लेकिन महीनों बाद भी कोई समाधान नहीं हुआ।

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नई एजेंसी बनने के बाद बढ़ीं मुश्किलें

जांच में सामने आया है कि यह समस्या किसी एक-दो लोगों की नहीं, बल्कि करीब 18 हजार आवेदकों की है। दरअसल, स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस कार्ड प्रिंट करने वाली एजेंसी बदलने के बाद यह संकट खड़ा हुआ। पहले यह काम एक निजी कंपनी के पास था, लेकिन अक्तूबर 2025 से यह जिम्मेदारी फोकाम नेट लिमिटेड, लखनऊ को सौंप दी गई। नई एजेंसी के जिम्मा संभालते ही प्रिंटिंग प्रक्रिया धीमी पड़ गई और हजारों आवेदन लंबित हो गए।

दोबारा फीस भरने को मजबूर लोग

कई आवेदकों का कहना है कि लंबे इंतजार के कारण उन्हें दोबारा आवेदन करना पड़ा। कुछ लोगों ने फिर से फीस जमा की, ताकि प्रक्रिया आगे बढ़ सके। वहीं, मोटर ड्राइविंग इंस्टीट्यूट संचालकों का कहना है कि रोजाना लोग लाइसेंस की जानकारी लेने पहुंच रहे हैं। स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस न मिलने से युवाओं की नौकरी पर असर पड़ रहा है। जिन लोगों को वाहन खरीदने या सरकारी दस्तावेज अपडेट कराने के लिए डीएल चाहिए, वे भी परेशान हैं।

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आरटीओ प्रशासन ने क्या कहा?

आरटीओ प्रशासन के अधिकारी दीपक कुमार शाह ने बताया कि लखनऊ में स्मार्ट कार्ड प्रिंटिंग से जुड़ी तकनीकी समस्याओं और एजेंसी बदलने के कारण देरी हुई है। नई कंपनी के माध्यम से प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चरणबद्ध तरीके से लंबित लाइसेंस प्रिंट कर डाक के जरिए आवेदकों तक पहुंचाए जाएंगे। हालांकि, लगातार बढ़ती देरी ने लोगों की चिंता और नाराजगी दोनों बढ़ा दी है।

Location :  Aligarh

Published :  19 May 2026, 1:50 PM IST