सपा नेता अबू आजमी ने ‘धुरंधर 2’ को मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाने वाली झूठी फिल्म बताया, अतीक अहमद और ISI के कथित संबंधों को विवादित करार दिया। उन्होंने सकारात्मक और जोड़ने वाली फिल्मों की आवश्यकता बताई।

समाजवादी पार्टी विधायक अबू आजमी (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
New Delhi: हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'धुरंधर 2' राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है। फिल्म में गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद के किरदार और उनके कथित रूप से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े होने को दिखाए जाने के बाद समाजवादी पार्टी (SP) के विधायक अबू आजमी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
अबू आजमी ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी के किसी भी सांसद का ISI के साथ कोई संबंध नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, "उनका नाम बताओ- ये लोग असल में किसका जिक्र कर रहे हैं? अतीक अहमद और ISI के बीच क्या संबंध है?" उनके अनुसार, फिल्म में गलत तथ्यों और अफवाहों का इस्तेमाल करके समाज में भ्रम फैलाया जा रहा है।
SP नेता ने फिल्म के मकसद पर सवाल उठाते हुए कहा, "हर धर्म, जाति और समुदाय में अच्छे और बुरे लोग होते हैं। लेकिन इस फिल्म में केवल नकारात्मक पहलुओं को उजागर किया गया है। इसका असली मकसद मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाना है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि फिल्में लोगों को जोड़ने और समाज की तरक्की के लिए बननी चाहिए, न कि साम्प्रदायिक नफरत फैलाने के लिए।
अबू आजमी ने आगे कहा कि 'धुरंधर 2' केवल नफरत फैलाने के उद्देश्य से बनाई गई एक धोखेबाज फिल्म है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर यह फिल्म वास्तव में पाकिस्तान से जुड़ी हुई है, तो इसे पाकिस्तान के लोगों को क्यों नहीं दिखाया जा रहा है और केवल भारत में ही क्यों रिलीज़ की गई है। उनका कहना था कि फिल्म केवल कुछ अपराधियों पर ध्यान केंद्रित करती है और अनगिनत अन्य अपराधों को नजरअंदाज करती है।
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अबू आजमी का मानना है कि इस तरह की फिल्में समाज में गलत संदेश फैलाती हैं और मुसलमान समुदाय को बदनाम करने के लिए बनाई जाती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में ऐसी फिल्में समाज की तरक्की और भाईचारे को बढ़ावा देने वाली बनाई जाएंगी, न कि विभाजन और नफरत फैलाने वाली।