आजमगढ़ सांसद धर्मेंद्र यादव बदायूं कोर्ट पहुंचे और खुद को बेगुनाह बताया। इस दौरान उन्होंने HPCL प्लांट में हुए दोहरे हत्याकांड को लेकर सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए और CBI जांच की मांग का समर्थन किया।

आजमगढ़ सांसद धर्मेंद्र यादव
Budaun: उत्तर प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। सपा से आजमगढ़ के सांसद धर्मेंद्र यादव ने बदायूं कोर्ट पहुंचकर जहां खुद को बेगुनाह बताया। वहीं HPCL प्लांट में हुए दोहरे हत्याकांड को लेकर सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगा दिए। उनके बयान के बाद यह मामला अब सियासी रंग लेता नजर आ रहा है।
सपा सांसद धर्मेंद्र यादव बदायूं कोर्ट में पेश हुए और कहा कि मैं बेगुनाह हूं, कोर्ट भी मान चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद सरकार अपील में गई है। सच को ज्यादा देर तक दबाया नहीं जा सकता, आखिर सामने आकर रहेगा।@MPDharmendraYdv#UPPolitics #DharmendraYadav #budaunCourt pic.twitter.com/QhwmPa6m1m
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) March 18, 2026
कोर्ट में पेशी और बेगुनाही का दावा
बदायूं कोर्ट में पेशी के दौरान धर्मेंद्र यादव ने कहा कि वे पूरी तरह बेगुनाह हैं और कोर्ट भी इस बात को मान चुका है। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस फैसले से संतुष्ट नहीं है और अपील में चली गई है। उन्होंने इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बताया और कहा कि सच्चाई आखिरकार सामने आएगी।
HPCL हत्याकांड पर सरकार को घेरा
धर्मेंद्र यादव ने HPCL प्लांट में हुए सुधीर गुप्ता और हर्षित मिश्रा के दोहरे हत्याकांड को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने दावा किया कि यह हत्या सुनियोजित थी और इसमें एक जाति विशेष के लोगों के साथ स्थानीय विधायक की भूमिका रही है। उनके मुताबिक, यह सब संरक्षण में हुआ है। जिससे कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं।
प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
सांसद ने कहा कि दोनों अधिकारियों ने पहले ही सुरक्षा की मांग की थी, लेकिन जिलाधिकारी और एसएसपी ने अपनी जिम्मेदारी सही ढंग से नहीं निभाई। अगर समय रहते कार्रवाई होती तो शायद यह घटना टल सकती थी। उन्होंने प्रशासनिक लापरवाही को इस घटना की बड़ी वजह बताया।
CBI जांच की मांग को समर्थन
धर्मेंद्र यादव ने पीड़ित परिवार की CBI जांच की मांग का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि SIT जांच से न्याय मिलना मुश्किल है क्योंकि SIT का गठन भी उन्हीं लोगों के प्रभाव में हुआ है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच के लिए CBI ही बेहतर विकल्प है और पीड़ित परिवार की मांग पूरी तरह जायज है।